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Muzaffarnagar News: हड़ताल जारी, सफाई कर्मियों ने रोके बड़े कूड़ा वाहन

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मुजफ्फरनगर। दो माह के वेतन की मांग पर अड़े कूड़ा कलेक्शन कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर बड़े कूड़ा वाहन भी रोक दिए। घरों से कलेक्शन के साथ ही डलावघर से भी कूड़ा नहीं उठ सका। बाद में पुलिस की मौजूदगी में कंपनी ने बड़े कूड़ा वाहन यार्ड से निकलवाए। कंपनी अधिकारियों के साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप और पालिका के अफसर भी कर्मचारियों के बीच पहुंचे। काफी प्रयास के बावजूद हड़ताल जारी रही। रविवार से कर्मचारी काम पर लौट सकते हैं।
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नगरपालिका के साथ काम कर रही कंपनी एमआईटूसी कर्मचारी लंबित वेतन भुगतान और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए पांच दिन से हड़ताल पर हैं। कलैक्शन न होने के कारण लोगों के घरों में भी कूड़े के ढेर लग गए हैं।
शनिवार सुबह छह बजे प्रदर्शन करते हुए कंपनी कर्मचारियों ने रुड़की चुंगी स्थित पार्किंग पहुंचकर सेकेंड्री सेक्शन में लगे बड़े कूड़ा वाहनों पर भी कब्जा कर लिया। बड़े वाहनों को डलाव घरों से कूड़ा उठाने के लिए निकलने नहीं दिया। कंपनी परियोजना प्रबंधक पुष्पराज सिंह और सेकेंड्री प्वाइंट इंचार्ज कुलदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने पार्किंग गेट पर ही जेसीबी के आगे धरना शुरू कर दिया। घंटों तक हंगामा चलता रहा। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप और पालिका नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार और मुख्य सफाई निरीक्षक योगेश गोलियान भी कर्मचारियों के बीच पहुंचे। कर्मचारियों से घंटों तक वार्ता की गई। लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
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कंपनी की ओर से पुष्पराज सिंह ने बताया कि चालक और हेल्पर सहित करीब 150 कर्मचारियों को कंपनी ने पांच-पांच हजार रुपये अक्तूबर के वेतन से भुगतान कर दिया है। शेष भुगतान सोमवार को करा दिया जाएगा। लेकिन कर्मचारी पूरा वेतन मांगने पर अड़े रहे। सिटी मजिस्ट्रेट और पालिका अधिकारी भी बात नहीं बनने पर वापस लौट गये। इस दौरान कर्मचारी वहीं धरने पर बैठे रहे। मुख्य रूप से जितेंद्र कुमार, आजाद, बाबू, अंकित सूद, अश्वनी वाल्मिकी, गौरव सूद, मोहम्मद नावेद, दीपक कुमार, संजय बौद्ध आदि शामिल रहे।कंपनी परियोजना प्रबंधक पुष्पराज सिंह ने बताया कि दोनों पक्ष में वार्ता हो गई है, रविवार से कर्मचारी काम पर लौट आएंगे।



वेतन भुगतान रुका, पीएफ एकाउंट भी नहीं खुलवाए
पालिका के साथ कूड़ा कलेक्शन में जुटी कंपनी के कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें दो माह से वेतन नहीं दिया जा रहा। बल्कि पीएफ का भी भुगतान नहीं किया जा रहा। आरोप लगाया कि कर्मचारियों को समझाने के बजाए धमकाया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने अभी तक सभी कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट ही नहीं बनाए। ईएसआई कार्ड भी नहीं दिया जा रहा। जबकि वेतन से पीएफ राशि करीब 1500 रुपये प्रतिमाह काटी जा रही है।
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