विरोध प्रदर्शन में भड़काऊ नारे लगाने वालों पर हो सख्त कार्रवाई : हकीमुद्दीन
देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने चार दिन पूर्व गुरुग्राम में बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त विरोध प्रदर्शन में लगाए गए नारे और पैगंबर की शान में गुस्ताखी वाले वाक्यों पर नारेबाजी करने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुलिस से दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने जारी बयान में कहा कि गुरुग्राम में हिंदू संगठनों द्वारा उदयपुर की घटना के बहाने जहर घोलने वाला कृत्य घोर निंदनीय है। पुलिस को इस तरह के संगठनों के विरोध पर सख्ती के साथ रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पैगंबर के अपमान में इसी तरह के नारे गत वर्ष त्रिपुरा में लगाए गए और दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुसलमानों के कत्लेआम की धमकी दी गई। गुरुग्राम में इसे फिर से दोहराया जाना बहुत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि कभी भी किसी सामूहिक संगठन ने ऐसा घिनौना काम नहीं किया। इसका कारण केवल यह है कि पुलिस प्रशासन और कानून लागू कराने वाली एजेंसियां ऐसे मामलों पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाती हैं। मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने बताया कि इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुग्राम की पुलिस आयुक्त से मिला गया। जिन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।