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Muzaffarnagar News: सहायक निदेशक राजे लाल की गिरफ्तारी पर स्टे

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मुजफ्फरनगर। पंद्रह हजार रुपये की रिश्वत के मामले में आरोपी बनाए गए सहायक निदेशक राजे लाल की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे मिल गया है। हाइकोर्ट की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को सुनवाई के बाद संबंधित न्यायालय में आरोप पत्र पर संज्ञान होने तक उन्हें राहत दी है। बचाव पक्ष ने एफआईआर निरस्त कराने की याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की थी।
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शामली के गांव बुटराड़ा निवासी निशांत चौधरी ने अपनी माता बिमला देवी के नाम से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन के लिए तालाब के लिए आवेदन किया था। उसे दो लाख 36 हजार 577 रुपये की सब्सिडी मिलनी थी। आरोप लगाया गया कि इंस्पेक्टर आनंद कुमार ने यह लाभ दिलाने के लिए 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसकी शिकायत पर जांच शुरू हुई। इंस्पेक्टर आनंद कुमार विकास भवन के सामने फोटो स्टेट की दुकान में 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए थे।
टीम ने पकड़े गए आरोपी के बयान के आधार पर मत्स्य पालन विभाग के सहायक निदेशक राजे लाल को भी मुकदमे में नामित किया था। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में राजे लाल की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे मिल गया है।
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इंस्पेक्टर का जमानत प्रार्थना पत्र हो चुका निरस्त
मुजफ्फरनगर। रिश्वत के मामले में पकड़े गए मत्स्य विकास अधिकारी (इंस्पेक्टर) आनंद कुमार का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त हो चुका है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मेरठ के विशेष न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया था। शामली में विभागीय कार्यालय नहीं होने के कारण दोनों अधिकारियों पर शामली का भी चार्ज रहा था।
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