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मंडियों के अंदर मंडी शुल्क खत्म करें प्रदेश सरकार

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मुजफ्फरनगर गुड एवं खांडसारी मंडी के व्यापारी नेता अरूण खंडेलवाल - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मंडियों के अंदर मंडी शुल्क खत्म करें प्रदेश सरकार
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मुजफ्फरनगर। फेडरेशन ऑफ गुड़ ट्रेडर्स ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब सरकार ने मंडी के बाहर मंडी शुल्क समाप्त कर दिया है, तो प्रदेश की मंडियों के अंदर भी मंडी शुल्क समाप्त कर देना चाहिए। फेडरेशन के अध्यक्ष अरुण खंडेलवाल ने कहा कि मंडी शुल्क की विसंगतियों को लेकर गुड़ व्यापारी उहापोह की स्थिति में है। गुड़ का नया सत्र शुरू होने को है और मंडियों में दोहरी शुल्क व्यवस्था लागू है।
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विदित हो केंद्र सरकार ने हाल में पूरे देश में कृषक उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश लागू किया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश में मंडियों के बाहर मंडी शुल्क समाप्त हो गया है। इस अध्यादेश लागू होने के उपरांत प्रदेश में कृषि मंडियों के बाहर कृषि उत्पाद की खरीद बिक्री होने पर मंडी शुल्क नहीं लगेगा और ना ही मंडी समितियों के विभिन्न कागजों की लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। यहां तक कि मंडियों के बाहर कृषि उत्पादों की खरीद बिक्री के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी । प्रदेश में लागू नई व्यवस्था के बाद मंडी परिसर के अंदर काम करने वालों को ढाई फीसदी शुल्क अदा करना पड़ता है, जबकि बाहर खरीद फरोख्त करने पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ रहा है। इससे मंडियों के अंदर का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि इस अध्यादेश के लागू होने से कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम से संचालित मंडी शुल्क या यूजर चार्ज लेने वाली प्रदेश की मंडियों में गुड़ की आवक नहीं होगी। सरकार को इस दोहरी व्यवस्था को तुरंत समाप्त करना चाहिए, ताकि व्यापार को बचाया जा सके।
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