बधाई कलां में खेतों का निरीक्षण करती स्पेन की कृषि विशेषज्ञ।
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मुजफ्फरनगर । विश्व में जैविक कृषि पर शोध करने वाली स्पेन के कृषि विशेषज्ञ एस्थी ने गांव बेहड़ा सादात स्थित आर्गेनिक फार्म पर पहुंचकर जैविक कृषि पर आधारित फसलों का निरीक्षण कर उपयोगी जानकारी दी।
विश्व के 78 देशों में कार्यरत किसान संगठन लाविया कम्पेसनिया के सदस्य भाकियू की निगरानी में स्पेन के बिलबाओ सिटी से भारत भ्रमण पर आई एस्थी ने गांव बेहड़ा सादात में चौधरी उदयवीर सिंह के आर्गेनिक फार्म पर पहुंचकर जैविक फसलों में टमाटर, जरवेरा, खीरा आदि की फसलों का निरीक्षण करते हुए बताया कि भारत देश में मिश्रित खेती का अभाव है। एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की फसलों को एक साथ उगाने से किसान को अधिक लाभ होता है। आर्गेनिक कृषि में कम लागत से अधिक से अधिक उत्पादन कर विश्व में किसान की हालत को बेहतर बनाया जा सकता है। एस्थी ने बताया कि वह भारत के कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल आदि राज्यों में जाकर जैविक खेती का निरीक्षण करेंगी।
इस मौके पर फार्म के मुख्य संचालक सुधीर चौधरी, ब्रजवीर सिंह, राकेश टिकैत की पुत्री ज्योति शिवांगी, अशोक बालियान, पवन राठी आदि मौजूद रहे। वहीं चरथावल में एस्थी भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के साथ बधाई कलां गांव पहुंचीं। उन्होंने खेतों पर जाकर किसानों से ऑर्गेनिक खेती और कृषि की नई प्रणालियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। क्षेत्र के किसान अरविंद मलिक से उन्होंने सहफसली खेती के संबंध में मालूम किया। उनके यहां लहलहाती गन्ने की फसल को देखकर वह प्रभावित हुईं।
मलिक ने बताया कि स्पेन के किसान संगठन के लोग भारत में होने वाली नई पद्धति को अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर देख रहे हैं। उनके द्वारा खेती करने के तरीके और लागत के अनुपात में पैदावार की जानकारी भी जुटाई जा रही है। इस दौरान नवीन राठी, पवन राठी मौजूद रहे।