कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो इंसान क्या नहीं कर सकता है। शहर के नौ वीं फेल युवक ने सौर उर्जा से मिनी बस दौड़ाई है। इस मिनी बस से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देने के साथ कारीगिरी का नमूना भी पेश किया है। खासियत यह है कि जितनी तेज धूप इसे मिलेगी, उतना ही रफ्तार पकड़ेगी। मीनाक्षी चैक पर वेल्डिंग का काम करने वाले कक्षा 9वीं फेल वेल्डर अनीस अंसारी ने यह मिनी बस तैयार की है।
अक्सर व्हाट्स एप पर लग्जरी बस को टक्कर देने के लिए आइडिया ग्वालियर से आए लेखक एवं फिल्म निर्माता राकेश सरैया का था। उन्होंने ही यह मिनी बस तैयार की है। अनीस बताते हैं कि गाड़ी को पूरी तरह से तैयार करने में छह माह का समय लगा है। इस मिनी मैजिकल मोबाइल होम की विशेषता यह है कि इसके भीतर दो कमरों के घर जैसी सुख सुविधाएं बनाई गई है।
बेडरूम, ड्राइंग रूम, सोफा, टॉयलेट, किचन के साथ तमाम व्यवस्था रखी गई है। पूूरी गाड़ी मेटल से बनाई गई है, जिसमें जापानी शीट से काम किया गया है। 35 किमी प्रति घंटा की रफ्तार चल सकती है। जिसे बनाने में लगभग साढ़े चार लाख रुपये लागत आई है। स्टेयरिंग को टेबल पर प्रयोग किया जा सकता है।
प्रदूषण से मुक्त है वाहन
राकेश सरैया बताते हैं कि वर्तमान में पर्यावरण पर प्रदूषण का खतरा मंडरा रहा है, जबकि एनसीआर क्षेत्रों में भी इसकी समस्या अधिक है। इसके अलावा डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दाम से हर कोई परेशान है। ऐसे में इलेक्ट्रोनिक वाहन, सौर उर्जा से चलने वाली गाड़ियों का समय आने वाला है। ऐसे वाहनों से प्रदूषण से भी निजात मिलेगी।
पहले भी किए कई कारनामे
मुजफ्फरनगर। अनीस ने 2004 में छोटी कार बनाई थी। जिसे तत्कालीन एसएसपी नवनीत सिकेरा खरीदकर ले गए थे। वर्ष 2012 में अनीस की बैट्री वाली कार अजूबा को तत्कालीन डीएम संतोष यादव ने खरीदा था।