सोलानी नदी : पुरकाजी खादर क्षेत्र के किसानों के खेतों में पानी भरा
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। खादर क्षेत्र में किसानों के खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीणों के समक्ष पशुओं के लिए चारे की समस्या बनी हुई है। कई दिनों से ग्रामीण पशुओं को भूसा खिलाने के लिए मजबूर हैं। नदी में करीब दस फुट व कई रास्तों पर पानी होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार को उत्तराखंड से छोड़े गए पानी से सोलानी नदी के उफान पर आ जाने से पानी नदी से बाहर निकलकर आसपास खेतों में भर गया। पानी गांवों के रास्तों पर आ जाने से ग्रामीणों का आवागमन भी प्रभावित हो गया था, जिससे कुछ ग्रामीणों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया था। पानी ज्यादा आ जाने से पुरकाजी लक्सर मार्ग पर रपटे पर भी पानी आ जाने से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बुधवार को पानी काफी कम होने से ग्रामीणों ने राहत तो महसूस की है। मगर, नदी में अभी भी करीब दस फुट पानी होने से ग्रामीणों को नाव में बैठकर नदी पार करनी पड़ रही है।
इसके अलावा जंगलों व खेतों में करीब तीन फुट पानी भरा होने से ग्रामीण खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों के समक्ष पशुओं के लिए चारे की विकट समस्या बनी हुई है। ग्रामीण पशुओं को भूसा खिलाने पर मजबूर हैं। उधर, गांव रजगल्लापुर, नंगला, रामनगर आदि गांवों के रास्तों पर पानी होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान प्रमोद कुमार, राजू प्रजापति, राजेंद्र पांचली, साधू राम, यादराम, महकार सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि सोलानी नदी में पानी तो कम हो गया है, मगर अभी भी नदी में करीब दस फुट पानी है।
भाकियू नेे आंदोलन की चेतावनी दी
पुरकाजी। गांव शेरपुर में भाकियू द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सोलानी नदी में आई बाढ़ के कारण हुए नुकसान पर चर्चा की गई। इस दौरान भाकियू नेता मांगेराम त्यागी द्वारा जलकुंबी के कारण बंद हो चुकी नदी के बारे में अधिकारियों को अवगत करवाया गया। उन्होंने अधिकारियों से नदी की सफाई जल्द नहीं होने पर दोबारा बारिश होने से क्षेत्र मे भारी नुकसान की आशंका जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन जल्दी समस्या का समाधान नहीं करवाता है तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में बूटा सिंह, राजेंद्र पांचली, गुरजीत सिंह, मनजीत सिंह, बेगराज प्रधान, जसकरण सिंह, देविंदर सिंह, अंग्रेज सिंह आदि लोग मौजूद रहे।