खतौली। गांव खेड़ी राजपुतान में आयोजित आर्य महासम्मेलन में बागपत के भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम के युग में एक रावण रावण के रूप में था। जिसने सीता को एक वर्ष तक बंदी बनाकर रखा, परन्तु उस वक्त एक वर्ष में रावण ने सीता को छुआ तक नहीं था। उन्होंने समाज विरोधी ताकतों से सावधान रहने की अपील की।
शुक्रवार को आयोजित आर्य महासम्मेलन में भाजपा सांसद ने कहा कि आज अनेक राक्षस पैदा हो गए हैं। क्या आज यह अपेक्षा की जा सकती है कि अपहरण के बाद गुंडे किसी महिला को बिना छुए रह जाएंगे। आज अनेक नेता राक्षस पैदा हो गए हैं, जो राष्ट्र अहित में कार्य कर रहे हैं। अच्छे लोग घरों में बैठ गए हैं, जिससे सामाजिक और राष्ट्रीय हानि हो रही है, ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए और अच्छे लोगों को आगे आना चाहिए।
अध्यक्षता करते स्वामी आर्यवेक्ष प्रधान ने कहा पाप कर्मों के फल से बचाने की जिम्मेदारी लेने वाले तथाकथित संत और धर्माचार्य समाज में अनाचार, भ्रष्टाचार और अराजकता फैला रहे हैं। धर्म की आड़ में पाप करते हैं। महर्षि दयानंद स्वामी न ऐसे कथित धर्म के ठेकेदारों को ही समाज विरोधी सिद्ध किया था।
क्रांतिकारी सन्यासी शिवानंद सरस्वती, डॉ. वीरपाल सिंह, गरिमा शास्त्री, सहदेव बेधड़क, गजराज प्रेमी, जबर सिंह खारी, ब्रजपाल, धर्मवीर शास्त्री, स्वामी निर्भयानंद, डॉ. वरूणवीर, ठाकुर राघव, विजयपाल सिंह आदि ने अपने विचार रखे। संचालन मनु संस्थान संस्कृति के संस्थापक दानवीर ठाकुर विक्रम सिंह ने किया। इस अवसर पर सत्येंद्र आर्य प्रधान आर्य समाज शिवपुरी, हरिश्चंद्र, ठाकुर वेदराम आदि उपस्थित रहे।