200 स्कूलों में कक्षाएं शुरू कराने का दावा करता है विभाग, हकीकत कुछ ओर
शहरी क्षेत्र में शिक्षक नहीं, देहात क्षेत्र में इंटरनेट की स्पीड बन रही समस्या
अमर उजाला टीम
मुजफ्फरनगर। आधुनिक कक्षाओं से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को स्मार्ट बनाने का सपना अभी अधूरा है। जिले के 200 स्कूलों में कक्षाएं शुरू कराने का दावा है, लेकिन हकीकत में स्मार्ट क्लास की राह में कई मुश्किलें है। शहरी क्षेत्र में शिक्षक नहीं है जबकि देहात क्षेत्र में इंटरनेट की स्पीड समस्या बन रही है। यही वजह है कि कक्षाओं के लिए रखे गए कंप्यूटर और प्रोजेक्टर शोपीस बन गए हैं। योजना केे परवान चढ़ाने के लिए शिक्षक-शिक्षिका मोबाइल का सहारा ले रहे हैं, लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिल रही है। बिजली आपूर्ति भी समस्या बन गई है। अधिकतर स्कूलों में इन्वर्टर नहीं है।
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बुढ़ाना में इंटरनेट बन रहा मुसीबत
बुढ़ाना ब्लॉक में 18 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा का दावा है। खंड शिक्षा अधिकारी कमलेश बाबू ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कंप्यूटर लगाए गए हैं। देहात में इंटरनेट की वजह से परेशानी है। कुछ जगह अध्यापक अपने मोबाइल फोन से कनेक्ट करके बच्चों को पढ़ाते हैं। गूगल व यूट्यूब पर टॉपिक सर्च करके बच्चों को एलईडी के माध्यम से शिक्षा दी जाती है ।
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कक्षाओं के लिए कोर्स ही नहीं मिला
शाहपुर कस्बे के उच्च प्राथमिक विद्यालय कक्षा एक से लेकर आठ तक के स्कूल में स्मार्ट क्लास है। प्रधानाध्यापक महबूब अली ने बताया कि अभी तक शासन की ओर से कक्षा चार तक ही स्मार्ट क्लास के अंतर्गत पढ़ाए जाने वाला कोर्स निपुण भारत आया है, जिसको पढ़ाया जा रहा है। अन्य कक्षाओं का अभी तक कोर्स नही आया है।
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प्रोजेक्टर न कंप्यूटर, कक्षाएं नहीं चली
जानसठ ब्लॉक के गांव तिसंग क्षेत्र में किसी भी परिषदीय विद्यालय में स्मार्ट क्लास नहीं चल रही। शासन की ओर से कोई प्रोजेक्टर एवं कंप्यूटर की व्यवस्था नहीं की गई है। गांव राजपुर कलां के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार का कहना है कि सरकार की ओर से उनको कोई प्रोजेक्टर या कंप्यूटर उपलब्ध नहीं कराया गया। जिस कारण विद्यालय में स्मार्ट क्लास नहीं चलाई जा रही है।
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17 विद्यालयों में चल रही कक्षा
खतौली ब्लॉक क्षेत्र में 137 परिषदीय विद्यालय स्थित है, जबकि तीन विद्यालय खतौली नगर में है। 140 परिषदीय विद्यालयों में से 17 विद्यालयों में एलईडी पर बच्चों को पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है। परिषदीय विद्यालय पक्का बाग में एलईडी के सामने बैठा कर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। एबीएसए पंकज अग्रवाल का कहना है कि गूगल और यू-ट्यूब पर भी सर्च कर बच्चों को एलईडी के माध्यम से शिक्षा दी जाती है।
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इनवर्टर न बिजली, गर्मी में बेहाल
पुरकाजी क्षेत्र के विद्यालय में इनवर्टर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण भयंकर गर्मी और विद्युत आपूर्ति बंद होने के चलते बच्चे कमरों से बाहर प्रांगण में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। स्मार्ट कक्षा यहां चल ही नहीं पा रही है। कस्बे की विद्युत आपूर्ति सवेरे करीब नो बजे से दोपहर 11 बजे तक बंद कर दी जाती है।
जिले के 200 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं चल रही है। एक स्कूल में एक ही क्लास को स्मार्ट क्लास के रूप में चलाया जा रहा है। कुछ जगह कंप्यूटर, कहीं प्रोजेक्टर लगाया गया है। जल्दी ही पूरे जिले में स्मार्ट क्लास सुचारु हो जाएगी। - मायाराम, बीएसए