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चुनावी दंगल में फिर चित हुए छोटे चौधरी, रालोद का जिले में नहीं खुल पाया खाता  

Sun, 12 Mar 2017 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर में जश्न मनाते भाजपाई। - फोटो : अमर उजाला
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चुनावी दंगल में एक बार फिर छोटे चौधरी चित हो गए हैं। अबकी बार जिले में राष्ट्रीय लोकदल का खाता ही नहीं खुल सका। रालोद का कोई प्रत्याशी चुनौती देता भी नहीं दिखा। पार्टी ने गत विधानसभा चुनाव में जीती हुई खतौली सीट को भी गवां दिया है। मोदी की आंधी के आगे रालोद का बचा-बचाया वोट बैंक भी बिखर गया है।  
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कवाल कांड के बाद भड़के दंगे ने रालोद के जाट-मुस्लिम समीकरण को ध्वस्त कर दिया था। लोकसभा चुनाव में यह असर साफ दिखाई दिया। रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह और पुत्र जयंत चौधरी तक संसदीय चुनाव में चित हो गए। खोई जमीन को हासिल करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी गई। कभी भाजपा तो कभी सपा से गठबंधन की कवायदें हुई, लेकिन छोटे चौधरी का दामन थामने में किसी को फायदा नजर नहीं आया।

चुनाव से ठीक पहले सपा और कांग्रेस में हुए गठबंधन में भी रालोद को जगह नहीं मिली। पार्टी कार्यकर्ताओं के जोश को भी झटका लगा। हालांकि छोटे चौधरी ने अकेले ही चुनावी संग्राम में बिगुल बजा दिया। प्रत्याशियों की घोषणा में देरी और आधे-अधूरे मन से जुटे पार्टी कार्यकर्ता भी रालोद की चुनौती को खड़ा नहीं कर पाए। उम्मीदवारों के चयन में वोटों के जातीय गणित को लेकर कोई फार्मूला छोटे चौधरी ने नहीं अपनाया।
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जिस वजह से उनके प्रत्याशियों को जाट मतों के अलावा अन्य बिरादरियों के मत नहीं मिल पाए। विडंबना यह है कि किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह ने गांव और गरीब के उत्थान के लिए जिस पार्टी को खड़ा किया था, उसका कोई प्रत्याशी चुनाव में जमानत भी नहीं बचा सका है। टिकट बंटवारे में जिला संगठन की रिपोर्ट की अनदेखी से भी नुकसान हुआ है। रालोद के करतार सिंह भड़ाना वर्ष 2012 में खतौली सीट पर जीते थे। इस बार खाता खुलने का भी लाला पड़ गया।

दलबदलुओं को पुचकारने से भी फायदा नहीं हो सका। खतौली में सपा और कांग्रेस छोड़कर आए पूर्व विधायक शाहनवाज राणा को मतदाताओं ने नकार दिया। बहन जी के टिकट छीन लिए जाने के बाद बसपा छोड़ आए सलमान जैदी का जोश चरथावल में ठंडा पड़ गया। बसपा छोड़ रालोद में आए पूर्व मंत्री योगराज सिंह भी बुढ़ाना में उम्मीदें नहीं जगा सके। जिले की सभी छह सीटों पर रालोद प्रत्याशी चौथे स्थान पर रहे हैं। चुनावी नतीजे से साफ है कि छोटे चौधरी को रालोद के सियासी वजूद को बचाने के लिए नए सिरे से चिंतन करना होगा।             
ऐसी नहीं थी उम्मीद      
मुजफ्फरनगर। रालोद में सबसे ज्यादा मत पूर्व मंत्री योगराज सिंह को बुढ़ाना सीट पर 23732 मिले हैं। पूर्व विधायक मिथलेश पाल मीरापुर सीट पर 22751 वोट ही पा सकीं है। चरथावल में सलमान जैदी को 14410, खतौली में शाहनवाज राणा में 12846, पुरकाजी में छोटी बेगम में 8227 और शहर सीट पर पायल माहेश्वरी को 5640 वोट मिले हैं। छोटी बेगम में जिला पंचायत की सदस्य हैं।             
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