गैस एजेंसी पर हंगामा करते लोग।
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पीएम मोदी के ऐतिहासिक फैसले से आमजन स्तब्ध है। 500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने से बुधवार को गैस एजेंसी और पेट्रोल पंपों पर नोट नहीं लेने के कारण लोगों की कर्मचारियों से झड़प हुई। कई जगह हंगामा होता रहा। पुलिस को व्यवस्था बनाने में मशक्कत करनी पड़ी। बाजारों में सन्नाटा छाया रहा।
बुधवार को कस्बे एवं देहातों में पुराने नोटों को चलाने के लिए लोगों में आपाधापी मची रही। कस्बे में बालाजी गैस गोदाम पर सुबह उपभोक्ताओं को 500 का पुराना नोट नहीं लेने पर मायूसी हाथ लगी। भीड़ ने हंगामा किया तो दरोगा योगेंद्र सिंह ने पुलिस बल के साथ लोगों को शांत किया। पेट्रोल पंप पर खुले नोट नहीं होने के कारण लोगों को पूरे 500 अथवा 1000 रुपये का पेट्रोल और डीजल डलवाना पड़ा।
दुकानदार चाहे छोटा रहा हो या बड़ा, सभी ने पुराने नोटों से किनारा कर लिया। देहातों के जरूरतमंद लोगों के पुराने नोट बंद होने से जरूरत का सामान खरीदने के लाले पड़ गए। थोक के दुकानदारों ने कस्बे के दुकानदारों से पांच या एक हजार का नोट नहीं लिया। शाम को अग्रवाल धर्मशाला में व्यापार मंडल की बैेठक में नगराध्यक्ष अनुज गर्ग ने कहा कि सरकार को नए नोट आने के बाद ही समय निर्धारित समय देकर पुराने नोटों पर पाबंदी लगानी चाहिए थी।
बैंक खुलने के बाद आपाधापी मचनी लाजिमी है। केंद्र सरकार को व्यापारियों ने पुराने नोट जमा करने और नए देने के लिए बैंकों में कर्मचारी बढ़ाने की मांग की है। पपनी कंसल, मुन्ना गर्ग, संजीव गर्ग मौजूद रहे।