एसके बंसल ने एक्सईएन का चार्ज लेने से हाथ खड़े किए
मुजफ्फरनगर। जल निगम के अधिशासी अभियंता पीके अग्रवाल के निलंबन के बाद विभाग के अफसर यहां का चार्ज लेने को तैयार नहीं है। वरिष्ठ सहायक अभियंता एसके बंसल ने चार्ज लेने से इंकार कर दिया है। जल निगम के महाप्रबंधक एसवी सिंह ने अब सहायक अभियंता रामेश्वर दयाल को चार्ज दिए जाने के आदेश जारी किए हैं।
जल निगम ग्रामीण के निलंबित किए गए एक्सईएन पीके अग्रवाल का कहना है कि पुरानी योजना का 11 लाख का ऐसा फर्जी बिल रखा गया जिसका कोई औचित्य नहीं था। यह गलत भुगतान नहीं करने के कारण साजिश के तहत उसके खिलाफ शिकायत की गई। जो वीडियो बताई जा रही है वह डेढ़ साल पुरानी है। जो व्यक्ति पैसा देने की बात कर रहा है वह जल निगम में ठेकेदार नहीं है। परिचय होने के कारण उसने उसके पास कुछ पैसे यह कहकर रखे थे कि वह शादी में जा रहा है आने के बाद अपना पैसा ले लेगा। जो पैसा दोपहर को दिया गया वह शाम को वापिस कर दिया गया। फिलहाल वीडियो के आधार पर शासन ने पीके अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। अग्रवाल के स्थान पर वरिष्ठ अभियंता एसके बंसल को चार्ज दिया गया था, लेकिन उन्होंने विभाग को चार्ज लेने से मना कर दिया। इसके बाद वरिष्ठ सहायक अभियंता रामेश्वरदयाल को चार्ज दिए जाने के आदेश जल निगम के महाप्रबंधक एसवी सिंह ने जारी किए हैं।
अग्रवाल के समर्थन में आए ठेकेदार
मुजफ्फरनगर। जल निगम ग्रामीण में काम कर रहे ठेकेदार निलंबित किए गए एक्सईएन पीके अग्रवाल के समर्थन में आ गए हैं। इन लोगों ने मुख्य अभियंता को जो पत्र लिखा है उसमें कहा गया है कि अग्रवाल की वीडियो ब्लैकमेल करने के लिए बनाई गई। जो व्यक्ति पैसा देने की बात कर रहा है वह जल निगम का ठेकेदार नहीं है। उसका कोई पंजीकरण जल निगम में नहीं है। पत्र भेजने वाले ठेकेदारों में प्रमोद मलिक, अवनीश त्यागी, कमल चौधरी, नवाब, नसीम त्यागी, मुबारिक, जितेंद्र, नितिन जैन, अशोक जैन, नितिन त्यागी, जमशेद अहमद आदि शामिल हैं।
राकेश टिकैत ने भी चीफ को पत्र लिखा
मुजफ्फरनगर। जल निगम के प्रकरण को लेकर भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी जल निगम के मुख्य अभियंता को पत्र लिखा है। उन्होंने पीके अग्रवाल के खिलाफ बड़ी साजिश बताया। कहा कि अग्रवाल को योजनाबद्ध तरीके से हटवाया गया है। आरोप लगाने वालों की भी जांच होनी चाहिए।