जुर्म अंधियारों में भटके और जेल में सजा काट रहे कैदियों के जीवन में शिक्षा की रोशनी फैल रही है। मुजफ्फरनगर जेल में बंद छह कैदियों ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा दी थी, सभी ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास कर जुर्म की राह पर भटकी जिंदगी को शिक्षा के उजियारे से संवारने की कोशिश की है। ये हत्या, और दुष्कर्म जैसे संगीन मामलों में सजा काट रहे हैं। शामली के सूरज मलिक ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और बॉयोलोजी में विशेष योग्यता पाई है।
सूबे में इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 249 कैदियों ने बोर्ड परीक्षा दी थी। इनमें मुजफ्फरनगर कारागार में बंद छह कैदी शामिल थे। सुरक्षा के मद्देनजर कैदियों के लिए जेलों में ही परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश की आठ जेलों में परीक्षा कराई। गाजियाबाद की डासना जेल में वेस्ट यूपी के कैदियों की परीक्षा हुई। थाना सिविल लाइन के गांव सरवट निवासी प्रवीण पुत्र सुरेंद्रपाल को दुष्कर्म (धारा 376) में मामले में सजा सुनाई जा चुकी है। उसने 12 वीं में 70.2 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम श्रेणी हासिल की। बॉयोलाजी में उसके 77 अंक है।
शामली जिले के गांव करौंदा महाजन निवासी सूरज मलिक पुत्र शिवराज सिंह ने12 वीं में फिजिक्स में 76, केमिस्ट्री में 75 तथा बॉयोलोजी में 80 अंक पाए है। हत्या के मामले में बंद सूरज के 72.6 प्रतिशत अंक आए हैं। शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र में गांव सुंदरनगर का जोग्गा सिंह हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। है। वहां के किसान सुखविंदर सिंह का पुत्र जोग्गा सिंह धारा 302 में उम्रकैद की सजा काट रहा है। उसने इंटरमीडिएट में 71.6 प्रतिशत से प्रथम श्रेणी पाई है।
उसे बॉयोलोजी में 79 प्रतिशत मिले है। हाईस्कूल की परीक्षा में भी तीन कैदियों ने प्रथम श्रेणी हासिल की। शहर के मोहल्ला जसवंतपुरी निवासी सोनूपाल दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद है। 78.6 प्रतिशत अंकों प्राप्त कर हाईस्कूल में प्रथम श्रेणी पाने वाले सोनू को हिंदी को 85, विज्ञान में 75, सामाजिक विज्ञान में 83 और कला में 86 नंबर मिले हैं।
शामली के मौहल्ला नाला पट्टी शास्त्रीनगर के रामदेव सिंह पुत्र कर्ण सिंह हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है। उसने 68 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम श्रेणी प्राप्त की। सहारनपुर के थाना गागलहेड़ी के नवादा गांव निवासी अशोक यादव पुत्र रहतू दुष्कर्म के मामले में सात वर्ष का कारावास भुगत रहा है। उसने हाईस्कूल परीक्षा में 66.7 प्रतिशत अंक पाकर पास की। हिंदी में उसके 75 अंक आए हैं।
सफल कैदियों का सम्मान होगा
मुजफ्फरनगर। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के घोषित परिणाम में कारागार के छह बंदियों ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण की। इंटरमीडिएट और हाईस्कूल में तीन-तीन कैदियों ने शिक्षा में अपनी योग्यता साबित की। जेलर एके त्रिपाठी ने कहा कि कैदियों की सफलता से अन्य बंदियों और कैदियों को भी शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी। सफल कैदियों को समारोह आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा।