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Muzaffarnagar News: सतयुग में सीता का हरण, कलियुग में भी जारी...रावण को मरना होगा

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मुजफ्फरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय, कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने 76 पेज के फैसले में लिखा कि यह एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि महिलाओं को कमजोर मानने वाली सामाजिक मानसिकता का प्रतीक है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा का मूल कारण पितृसत्तात्मक सोच है, जहां महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति या नियंत्रण की वस्तु माना जाता है। फैसले में कविता... रावण को मरना होगा भी लिखी।
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शनिवार को मां राजेश और बेटे हिमांशु की हत्या के फैसले में अदालत ने लिखा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध यह सवाल खड़ा करते हैं कि सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थल पर महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं। महिलाओं की स्थिति अभी भी बड़ी दयनीय है।
देश के आजाद होने के बाद महिलाओं की स्थिति में आमूलचूल परिवर्तन तो हुए हैं लेकिन जितने होने चाहिए थे उस अनुपात में नहीं हुए हैं।
nइस तरह किया स्वामी विवेकानंद का जिक्र : अदालत ने लिखा कि महान विद्वान स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि किसी राष्ट्र की प्रगति का सबसे अच्छा मापदंड उस राष्ट्र का महिलाओं के प्रति व्यवहार है। महिलाओं के खिलाफ अपराध न केवल महिलाओं के आत्मसम्मान और गरिमा को प्रभावित
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