गांव युसुफपुर के ग्रामीण बीमार युवक का इलाज कराने की परीमिशन लेने को भोपा थाने में मौजूद परिजन।
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लॉकडाउन में जिंदगी और मौत से जूझ रहा बीमार युवक
मोरना। छह माह से बीमारी से पीड़ित युवक के उपचार के लिए परिजन तीन दिनों से भोपा थाने से परमिशन कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। परिजनों ने उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन समस्या रखी है। लॉकडाउन के चलते बीमार युवक जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
गांव यूसुफपुर निवासी कविंद्र, धर्मेंद्र, नरेंद्र ने बताया कि उनका भाई संजीव उर्फ बबलू पुत्र राजपाल का छह माह से चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में इलाज चल रहा है। पहले चरण के लॉकडाउन लगने से पूर्व युवक की दवाई खत्म हो गई थी। समय पर दवाई न मिलने पर बीमार युवक की तबीयत बिगड़ने से अब खून की उल्टी आने लगी है। परिजन पिछले तीन दिनों से परमिशन लेने को थाना भोपा के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन परमिशन नहीं मिल रही है। पीड़ित की मां धर्मको, पत्नी अनीता, पुत्र उज्जवल, लकी, रितिका आदि ने बताया कि बीमार लोगों के लिए सरकार सुविधा देने की बात करती है, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं हो रहा। ग्राम प्रधान वरुण एडवोकेट, पूर्व प्रधान राजेंद्र चौधरी, सतबीर मास्टर जी, सुद्वीप फौजी, सतेंद्र प्रधान आदि ने प्रशासन से बीमार के इलाज की परमिशन दिए जाने की गुहार लगाई है।