छह माह बाद आज होगी शूरा की बैठक
देवबंद (सहारनपुर)। विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू होगी। जिसमें संस्था के वार्षिक बजट के साथ साथ ही कोरोना की वजह से पिछले छह माह से बंद कक्षाओं को शुरू किए जाने तथा महत्वपूर्ण रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा।
वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से इस्लामी तालीम के सबसे बड़े इदारे दारुल उलूम को 20 मार्च को बंद कर दिया गया था। जिसके चलते संस्था में तालीम हासिल करने वाले हजारों छात्रों को भी उनके घरों को रवाना कर दिया गया था। छह माह बाद संस्था में फिर से कुछ चहल पहल दिखाई देगी। क्योंकि सोमवार से इदारे के मेहमानखाने में तीन दिवसीय मजलिस-ए-शूरा की बैठक शुरू होगी। जिसमें देशभर से आने वाले शूरा सदस्य भाग लेंगे। बैठक में वित्त वर्ष 2020-21 के वार्षिक बजट पर मुहर लगेगी तथा रिक्त चल रहे शेखुल हदीस व सदर मुदर्रिस के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जाएगा। संभावना है कि सरकार द्वारा 19 अक्तूबर से विद्यालयों को खोलने की अनुमति दिए जाने के बाद दारुल उलूम में बंद कक्षाएं शुरू करने को लेकर भी चर्चा की जाएगी। इदारे के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बताया कि कोरोना की वजह से अप्रैल माह में होने वाली शूरा की बैठक को स्थगित कर दिया गया था। क्योंकि अब कोरोना का खतरा पहले से कुछ कम है तो 12 अक्तूबर से तीन दिवसीय शूरा की बैठक का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मुख्य रूप से वार्षिक बजट को लेकर चर्चा की जाएगी।
कई बड़े ओहदेदारों पर हो सकता है फैसला
देवबंद। सोमवार से शुरू होने जा रही दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा की बैठक में कई बड़े ओहदेदारों को इधर से उधर किए जाने की संभावना भी है। क्योंकि पिछले काफी समय से इन ओहदेदारों को लेकर तरह तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि इस संबंध में संस्था का कोई जिम्मेदार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।