मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत गांव की 21 हेक्टेयर जमीन लिए जाने के प्रस्ताव पर शेरनगर के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शेरनगर के ग्रामीणों ने विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक के दौरान एमडीए दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने एमडीए की प्रस्तावित आवासीय योजना का विरोध जताते हुए साफ कहा कि वह किसी भी सूरत में अपनी कृषि योग्य भूमि नहीं देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम मांगपत्र मंडलायुक्त अटल कुमार राय को सौंपा।
शेरपुर के ग्रामीणों की ओर से सौपे गए ज्ञापन में मंडलायुक्त को बताया कि मेरठ-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग-58 एवं पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग और मुजफ्फरनगर एवं जौली राज्य राजमार्ग के मध्य शेरनगर गांव की लगभग 21 हैक्टेयर बहुफसलीय कृषि भूमि है। जिसमें धार्मिक और सामाजिक स्थल जैसे ईदगाह, कब्रिस्तान, और देवी-देवताओं के स्थान भी शामिल हैं। शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत नई कॉलोनी विकसित करने के लिए संबंधित भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव अनुचित है।
ग्रामीणों की यह मांग है कि प्रस्ताव पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पूर्व गांव के लोगों की राय और आजीविका को ध्यान में रखा जाए। एमडीए सचिव कुंवर बहादुर सिंह ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव को खारिज करने की मांग की। इस दौरान सैय्यद खुर्रम एडवोकेट, सौरभ सिंह, मनोज गुर्जर, मुन्ना, मोहम्मद अनसीर, मगेंद्र कुमार, विनय कुमार, नितिन, शलभ, फिरोज उपस्थित रहे।