मुजफ्फरनगर। पूर्व समय में तितावी क्षेत्र के गांव काजीखेड़ा में चलाए जाने वाले अवैध टेलीफोन एक्सचेंज प्रकरण में साइबर थाना पुलिस ने एक और आरोपी मेरठ निवासी आरिफ को गिरफ्तार किया है। उसने इस गिरोह के जून माह में पकड़े गए तीन आरोपियों को 23 सिम उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने उससे एक मोबाइल व एक लेपटॉप बरामद किया है। मोबाइल में सिम कार्ड व सिम बाॅक्स खरीदने के सबूत मिले हैं। पुलिस के अनुसार इस गैंग के सदस्य छोटा मोटा काम करते थे, 20 लाख का कर्ज उतारने के लिए इन्होंने अपराध का यह तरीका चुना।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि जून माह में साइबर थाना टीम ने तीन आरोपियों मोहसीन निवासी काजीखेड़ा, उसके बहनोई फिरोज निवासी मवाना मेरठ और सद्दाम हुसैन निवासी कम्हेडा थाना ककरौली को पकड़ा था। यह तीनों तकनीक से इंटरनेशनल काल को लोकल काल बनाकर लोगों को फायदा व सरकार को राजस्व की हानि पहुंचा रहे थे। उनसे छह मोबाइल व दो सिम बॉक्स बरामद हुए थे। इस गिरोह के चौथे सदस्य मेरठ के लक्खीपुरा लिसाडी गेट निवासी आरिफ को पकड़ा गया। निगरानी के चलते यह सफलता मिली। इस दौरान एसपी देहात आदित्य बंसल व सीओ भोपा रविशंकर मिश्रा भी मौजूद रहे।
आरिफ, जून माह में गिरफ्तार काजीखेडा निवासी मोहसीन के साथ कपडे का काम करता था। दोनों यह काम छोड़ कर इस धंधे से जुड़ गए थे। आरिफ ने बुनकर का काम भी किया था, जिसमें नुकसान होने के साथ ही उस पर बीस लाख का कर्ज हो गया था। कर्ज उतारने के लिए उसने यह राह चुन ली थी। उसे पता चला कि मवाना निवासी सलीम सिमकार्ड का काम करता है तो उसने कर्ज उतारने के लिए सलीम से संपर्क किया। उसने ही सिम बॉक्स व सिमकार्ड से अपराध करना सिखाया था। जहीरुदीन व कासिम भी आरिफ के मोहल्ले के युवक है। दोनों भी यही काम करते है। उनके साथ मिलकर आरिफ ने आनलाइन सिम बॉक्स व सिमकार्ड मंगवाकर इन सिमों को सिम बॉक्स में प्रयोग किया था। इन सिम बॉक्सों को वर्चुअल आइडी के माध्यम से एनी डेस्क एप की मदद से साइबर अपराध व इंटरनेशनल कॉल को लोकल काल में बदलने का काम किया था। एसएसपी ने बताया कि आरिफ सिम बॉक्स संचालन करने वाले अन्य लोगों को सिम बॉक्स व सिमकार्ड उपलब्ध कराता था। जून माह में पकडे गए मोहसीन ,फिरोज व सद्दाम के साथ सिम बॉक्स चलाने में उसकी हिस्सेदारी थी। वह पैसा कभी आनलाइन व कभी कैश देते थे। गिरफ्तार आरोपी से बरामद मोबाइल व लेपटॉप परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
चाइना व पाकिस्तान से भी संपर्क
पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइलों के व्हाटसएप पर चाइना के जूलिया टीवीएस के संपर्क सूत्र मिले थे। पाकिस्तान के इंटरनेट से भी संपर्क था। इस बारे में अभी बड़ी सुरक्षा एजेंसियां जांच की जा रही है। दोनों से आइबी की टीम ने भी पूछताछ की है।
पाकिस्तान जाना चाहता था आरोपी
साइबर थाना टीम को आरोपी के इंस्टाग्राम पर पाकिस्तानी टूर ट्रेवल्स कंपनी को भेजा गया एक ऐसा मैसेज मिला है जिसमें उसने लिखा है कि वह पाकिस्तान जाना चाहता है। साइबर थाना पुलिस ने इस बारे में जांच शुरू की है।