फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहनाई की धुन के बिना उठेगीं डोलियां, बिन बराती आएंगे दुल्हे

विज्ञापन
विज्ञापन
शहनाई की धुन बिना उठेंगी डोलियां, बिन बराती आएंगे दुल्हे
विज्ञापन

जानसठ (मुजफ्फरनगर)। कोरोना वायरस का ग्रहण शादियों की खुशियों पर भी लगा है। शहनाई की धुन के बिना ही उठेगीं डोलियां और बिना बराती के ही दूल्हे आएंगे। सीमाएं सील होने से शादी वाले परिवारों के सामने संकट गहरा गया है। प्रशासन ने शादी वाले परिवारों को कोरोना वायरस से बचने के लिए पूरी तरह से एहतियात बरतने की अपील भी की है। कस्बे में 31 मार्च तक 20 मुस्लिम परिवारों में शादियां हैं। परिवार के लोग शादी को लेकर पिछले एक माह से तैयारियों में जुटे हुए थे। बैंक्वेट हाल बुक कर दिए गए थे, हलवाई को खाना बनाने के लिए एक माह पूर्व ही पेशगी दे दी गई थी। इतना ही नहीं शादियों के कार्ड तक बांट दिए गए थे। अचानक कोरोना वायरस के फैलने को लेकर इन परिवारों में शादियों की खुशियां पर ग्रहण लग गया है। जिस कारण शादियों की सभी तैयारियां धरी रह गई। धारा 144 लागू होने से अब दूल्हे के साथ बराती नहीं आ सकते। शासन व प्रशासन द्वारा बैंक्वेट हाल बंद करने की घोषणा से अब व्यंजन भी नहीं बनाए जा सकते हैं। इतना ही नहीं जनपदों की सीमाएं सील कर दी गई हैं। ऐसे में कैसे आएंगे दूल्हे और कैसे जाएंगी दुल्हन अपनी ससुराल। हालांकि लड़के और लड़कियों की शादियां तो होनी तय है। कोरोना वायरस को लेकर हालात यह रहेंगे कि लड़कियों की शादियों में शहनाई नहीं बज सकेगी और दूल्हे बिना बरात के ही आ सकेंगे। इन हालातों को देखते हुए शादियों की खुशियों में कोराना वायरस ने ग्रहण लगा दिया है।
क्या कहते हैं चिकित्सा अधीक्षक
कोराना वायरस से बचने को भीड़भाड़ नहीं होनी चाहिए। भीड़भाड़ होने से कोराना वायरस फैलने का खतरा बन सकता है। इस वजह से सरकार ने बैंक्वेट हाल बंद करा दिए हैं। शादी वाले परिवारों को पूरी तरह से एहतियात बरती चाहिए। शादी वाले परिवारों में भीड़भाड़ भी नहीं होनी चाहिए - डॉक्टर अशोक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी जानसठ।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिना बरात के दूल्हे को भेजा
जानसठ। सहारनपुर जा रही बरात को पुलिस ने गंगनहर पर ही रोक दिया। पुलिस ने परिवार के कुछ लोगों के साथ ही दो कारों में दूल्हे को भेजा। बाकी बरात की कारों को वापस भेज दिया गया। गांव कवाल निवासी मोहम्मद मन्ना के पुत्र हाफिज सलमान की बरात मंगलवार को सहारनपुर के गांव शेरपुर में जानी थी। मोहम्मद मन्ना अपने पुत्र की बरात को 6-7 कारों में लेकर गांव से चला। सिखेड़ा गंगनहर पुल पर पुलिस ने बरात की सभी कारों को रोक लिया। पुलिस ने बरात में इतनी कारों में सवार बरातियों को जाने से इंकार कर दिया। पुलिस का कहना था कि सहारनपुर में लॉकडाउन है और पूरे प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर धारा 144 लगी हुई है। इसलिए किसी भी सूरत में बरात को सहारनपुर में नहीं जाने दिया जाएगा। बाद में पुलिस ने सिर्फ दूल्हे को उसके परिजनों के साथ मात्र दो ही कारों में सहारनपुर के लिए जाने दिया। बाकी बरात की गाड़ियों को पुलिस ने लौटा दिया। बराती वापस गांव कवाल में चले आए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें