जिला पंचायत सभागार में किसानों को अंश प्रमाण पत्र देते डीएम व गन्ना शोध केन्द्र के अधिकारी ।
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किसानों को दिए गए अंश प्रमाणपत्र
मुजफ्फरनगर। सहकारी चीनी मिल मोरना की गन्ना समिति के 100 किसानों को उनके अंश प्रमाण पत्र जारी किए गए। अंश प्रमाण पत्र प्राप्त होने से किसानों में खुशी की लहर है। गन्ना समिति के गठन के बाद पहली बार किसानों को अंश प्रमाण पत्र मिला है।
लखनऊ के लोकभवन में कार्यक्रम का जिला पंचायत सभागार में सीधा प्रसारण देखा गया। प्रदेश में 24 सहकारी चीनी मिलों की 168 गन्ना समितियों के अंश धारक सदस्यों को अंश प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। जिले में 100 किसानों को डीएम चंद्रभूषण सिंह ने अंश प्रमाण पत्र जारी किए। इस अवसर पर एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी, सहायक निबंधक सहकारिता रत्नाकर सिंह, गन्ना शोध केंद्र के निदेशक डॉ. विरेश सिंह मौजूद रहे।
जिला गन्ना अधिकारी, डॉ आरडी द्विवेदी ने बताया कि 1934 में पहली बार मेरठ और मुजफ्फरनगर में गन्ना समिति गठित हुई थीं, लेकिन समितियों के हिस्सेदार अंशधारक कृषकों को अंश प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। वर्तमान सरकार और विभाग के प्रयास से सहकारी चीनी मिल समितियों के अंशधारक कृषकों को उनके अंश प्रमाण पत्र देकर समितियों में उनकी हिस्सेदारी तय की जा रही है, जो उनका विधिक अधिकार भी है। यह अंश प्रमाण पत्र पीढ़ी दर पीढ़ी उनके वारिसान को विरासत के रूप में स्थानांतरित होता रहेगा। जनपद स्तर पर अंश प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले किसानों में ओमवीर सिंह, नित्यानंद त्यागी, ऋषिपाल भाटी, महेंद्र आदि शामिल रहे।