वीडियो प्रकरण से आहत जैन मुनि नयन सागर महाराज ने कहा है कि इतने सारे आरोप, अपहरण, रुपया, पैसा, ये, वो किस-किस का जिक्र करूं, शर्मसार हूं मैं, फिर भी सभी का धन्यवाद, अब आगे केवल समाधि से साधना। वीडियो वायरल प्रकरण और छात्रा के अपहरण का मुकदमा दर्ज होने के बाद चंडीगढ़ में चातुर्मास कर रहे जैन मुनि नयन सागर महाराज ने लिखित में जारी बयान में कहा कि उनमें आस्था रखने वाले लोग थोड़ा धैर्य रखे। जब तक सच्चाई सामने नहीं आती अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
जैन मुनि नयन सागर ने इस प्रकरण के सामने आने के बाद अपनी सफाई दी थी और इसे एक साजिश बताते हुए 48 घंटे में दूध का दूध, पानी का पानी करने का दावा किया था। चंडीगढ़ में प्रवास कर रहे जैन मुनि नयन सागर महाराज ने बृहस्पतिवार को एक बयान जारी किया।
इसमें उन्होंने कहा है कि 23 जून के अतिशय क्षेत्र वहलना के वीडियो प्रकरण में मैने 30 जुलाई को 48 घंटे का समय घोषित किया था। इस बीच वहलना कमेटी ने 31 जुलाई को अपना निर्णय सबके सामने रख दिया। मैने शांत रहने का निर्णय लिया। कुछ लोग उनके निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं।
ऐसे में स्वामी संमत भद्र के अनुसार एक मार्ग शेष रह जाता है। कोई भी यह न सोचे की मुझे मुनि धर्म से बाधित कर देगा। कषायों वेग में कोई यह न सोचे कि वह मुझे मुनि धर्म से बाधित कर देगा। यह वीडियो झूठ है, जिन लोगों ने यह षड्यंत्र रचा है वे क्षमा के पात्र हैं।
जैन मुनि ने कहा कि यह उनके ही पूर्वोपार्जित कर्मों का परिणाम है। वह शांत चित्त होकर सहन कर रहे हैं। उनके बारे में देश के दिगंबर संत निर्णय करें, जिन्होंने 50 वर्षों का समय संयम और साधना में बिताया हो, न कि वह वे लोग जो स्वयं व्यसनों में मस्त रहते हैं। उन्होंने दिगंबर संतों से मार्गदर्शन मांगा है और अन्न त्याग कर साधना करने की बात कही है।
इसमें दिन, महीने या साल लगे, उनकी समाधि से साधना जारी रहेगी। अब उनके पास कोई विकल्प नहीं है। वहलना कमेटी को साधुवाद, राजकुमार नावला पर धन का आरोप झूठा है।
दिल्ली में गहन मंथन, अभी कोई फैसला नहीं
मुजफ्फरनगर। दिल्ली में दिगंबर जैन समाज की बैठक में वायरल वीडियो के तथ्यों की जांच पर गहन मंथन हुआ। बैठक में भारत वर्षीय दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में निर्णय के बाद ही उपाध्याय जैन मुनि नयन सागर महाराज के मामले में कोई अग्रिम कार्रवाई होगी।
कम्मो खोलेगा महाराज के राज
वहलना में प्रवास के दौरान वायरल हुई वीडियो में साफ हो गया है कि जैन मुनि का सेवक कम्मो पूरे मामले का सच जानता है। वर्षों से सेवा कार्यों में लगा यह सेवक 23 जून की रात को जैन मुनि नयन सागर के साथ उनके कमरे में उनकी सामग्री रखने जाता है। पीछे-पीछे जैन मुनि चल रहे हैं।
कुछ वक्त बाद वह जैन मुनि को तौलिया देता है, जिससे वे गर्मी में अपना पसीना पोंछते है। दिगंबर संत परंपरा में जैन मुनि कोई वस्त्र नहीं रखते, इसलिए सेवक कम्मो उन्हें छोटा तौलिया देता है। जैन मुनि बरामद के पिलर के पास पीठ लगा कर बैठ जाते हैं। इसी बीच कम्मो कमरे से निकल कर गैलरी में आगे जाता है।
करीब दो तीन मिनट के बाद एमटेक की छात्रा टॉप और जींस में जैन मुनि के कमरे में प्रवेश कर जाती है। उस समय वीडियो में 7.34 बजे का समय है। नियमों के मुताबिक भक्त दिगंबर जैन मुनि से रात्रि आठ बजे तक ही मिल सकते हैं। जैन मुनि के कमरे में जाने के बाद दरवाजा बंद हो जाता है, जहां पहले से छात्रा मौजूद है।
उसके बाद सेवक कम्मो गैलरी में आता है और जैन मुनि के कमरे के बराबर वाले कमरे में चला जाता है। वीडियो की सच्चाई पर सबके अपने-अपने तर्क हैं। जैन मुनि कह चुके हैं वीडियो झूठा है, जबकि दिगंबर जैन समाज वीडियो के सच को खंगालने में जुटा है। वहलना प्रवास के दौरान घटी घटना का हर राज सेवक कम्मो के दिल में छिपा है।
कथित वीडियो में लगाए संगीन आरोप
मुजफ्फरनगर। वीडियो वायरल होने के बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर भी प्रारंभ हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर शुभम सागर नाम के एक व्यक्ति ने दावा किया कि वह दिल्ली प्रवास में एक साल जैन मुनि नयन सागर के साथ रह चुका है। उसने जैन मुनि पर संगीन आरोप लगाए है।
नयन उद्यान में पड़ा है ताला
मुजफ्फरनगर। जैन मुनि नयन सागर महाराज के भक्तों ने जानसठ रोड पर नयन उद्यान स्थापित कराया था। जहां पर कुटी में जैन मुनि ने कई बार प्रवास किया और सत्संग सुनाया। हालांकि बाद में उक्त भूमि को लेकर विवाद हो गया और बैंकों ने उद्यान पर ताला डाल कर नोटिस लगा दिया था। फिलहाल यह उद्यान बंद पड़ा है।
पुलिस की जांच में सामने आएगा सच: प्रबंध समिति
मुजफ्फरनगर। वहलना मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष राजेश जैन और महामंत्री राजकुमार जैन ने कहा कि वायरल वीडियो और अपहरण मामले की जांच पुलिस कर रही है। पुलिस की जांच में क्या सच है, क्या झूठ सामने आ जाएगा।