शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल लोग।
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छत्तीसगढ़ के सुकमा में शहीद हुए मनोज कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात उसके निरगाजनी गांव में स्थित घर पर पहुंचा। बुधवार को सैन्य सम्मान के साथ गांव में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों ने मातमी धुन के साथ शहीद को अंतिम सलामी दी। इससे पूर्व, कैबिनेट मंत्री सतीश महाना और गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा समेत तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
सीआरपीएफ के अधिकारी मंगलवार देर रात दो बजे मनोज का पार्थिव शरीर लेकर निरगाजनी पहुंचे। शहीद के घर पहुंचते ही गांव के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहीद के घर का माहौल भावुक हो गया। घर की महिलाएं शव से लिपट-लिपट कर रोने लगीं। बुधवार को करीब 11.30 बजे शहीद मनोज की अंतिम यात्रा शुरू हुई। भारत माता की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा, मनोज तेरा नाम रहेगा के नारे लगाते लोग चल रहे थे। महिलाओं ने भी देशभक्ति के नारे लगाकर शहादत को सलाम किया।
पंचायती मंदिर परिसर में शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए गए। यहां सैन्य सम्मान के साथ शहीद के अंतिम दर्शन किए गए। जनप्रतिनिधियों और ंअधिकारियों ने शव के पास पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा, भाजपा विधायक अवतार सिंह भड़ाना, कपिलदेव अग्रवाल, उमेश मलिक, प्रमोद ऊंटवाल, वीरपाल निर्वाल, बसपा के पूर्व सांसद कादिर राना आदि मौजूद रहे। अधिकारियों में सीआरपीएफ रामपुर के डीआईजी प्रवीण कुमार, नोएडा डीआईजी सुनील कुमार, डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी बबलू कुमार ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद के भाई जोगेंद्र उर्फ जोनी ने मुखाग्नि दी।
25 लाख की सहायता राशि मिली
मुजफ्फरनगर। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना और गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को दी गई 25 लाख की सहायता राशि का चेक शहीद की मां राजेश देवी को सौंपा। साथ ही परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। सीआरपीएफ की ओर से अंतिम संस्कार के लिए दी जाने वाली 50 हजार की नकदी भी भेंट की गई।