मुक्त कराए गए बच्चों के साथ श्रम विभाग की टीम।
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बाल श्रम उन्मूलन के लिए गठित टीम ने चाय की दुकानों आदि पर छापेमारी करते हुए सात बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है। इनमें चार शाहपुर से और तीन को शहर से मुक्त कराया गया है। सहायक श्रमायुक्त अनिल कुमार ने बताया कि श्रम विभाग, पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की संयुक्त टीम ने बाल श्रमिकों को लेकर जिले भर में अभियान चलाया।
इनमें तीन शहर की दुकानों और चार शाहपुर से मुक्त कराए गए। इन बाल श्रमिकों की आयु का परीक्षण कराते हुए इन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। उन्होंने बताया कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों का कहीं भी नौकरी करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
सक्षम न्यायालय ऐसे बच्चों से कार्य कराने वाले को छह माह से दो वर्ष की सजा और बीस हजार से पचास हजार तक जुर्माना कर सकता है। 14 से 18 साल के बच्चों से कोई खतरनाक कार्य नहीं कराया जा सकता। उन्होंने बताया कि टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी सत्यवीर सिंह, केके मिश्रा, उद्यम सिंह आदि शामिल रहे।