मुजफ्फरनगर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि केंद्र में देश की आजादी के बाद से सबसे संवेदनहीन सरकार है। किसान आंदोलन में 70 किसानों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रधानमंत्री ने उन पर एक शब्द तक नहीं बोला है। किसानों की अस्मिता की इस लड़ाई में किसान संगठनों का संघर्ष कभी नहीं भुलाया जाएगा।
मेरठ रोड स्थित रेस्टोरेंट में शनिवार दोपहर पत्रकारों से वार्ता करते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि किसानों की उत्पादन और उपभोक्ता के बीच के मूल्य का अंतर बहुत ज्यादा हो गया है। मुनाफाखोरी इतनी बढ़ गई है कि आम आदमी की जेब से कंपनियां सीधे लूट कर रही हैं। दो हजार रुपये क्विंटल बिकने वाली बासमती का चावल 100 से 200 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है। किसान को पैसा मिल नहीं रहा और उपभोक्ता की जेब काटी जा रही है। देश में तीन कृषि कानून किसान को बर्बाद करने की एक कड़ी है। केंद्र सरकार केवल पूंजीपतियों के लाभ के लिए काम कर रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुबोध शर्मा ने कहा कि जिले के पुराने कांग्रेसियों को फिर से सक्रिय कर कांग्रेस को गांव-गली तक पहुंचाया जाएगा। उमादत्त शर्मा, गुफरान काजमी, सलीम मलिक, नानू मियां, नगराध्यक्ष जुनेद रऊफ, राहुल भारद्वाज, अशोक वर्मा आदि मौजूद रहे।