जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती अर्द्घविक्षिप्त महिला ने बुधवार दोपहर बेटी को जन्म दिया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। शहर की सड़कों पर घूमने वाली महिला रेप के बाद गर्भवती हो गई थी। बच्ची को लेने के लिए कई लोग आगे आए हैं। सामाजिक संस्था लोक आस्था ने महिला और उसकी बेटी की देखरेख की जिम्मेदारी के लिए आवेदन किया है। हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है।
रामपुरम क्षेत्र में अक्सर घूमने वाली अर्द्घविक्षिप्त महिला का रेप किया गया था, जिससे वह गर्भवती हो गई। उसके गर्भवती होने पर क्षेत्र के लोगों ने उसकी देखरेख का जिम्मा उठाया। जिला स्वास्थ्य प्रचार अधिकारी डॉ गीतांजलि वर्मा ने क्षेत्रवासियों की मदद से उसे रामपुरम के औषधालय में रखवाया और इस महिला की देखरेख शुरू की। अमर उजाला ने महिला की पीड़ा को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
अमर उजाला की पहल पर प्रशासन के अलावा सामाजिक संगठन महिला की मदद के लिए आगे आए। महिला को बुखार होने पर 30 सितंबर को जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, तभी से वह अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है। सामाजिक संस्था लोक आस्था की अध्यक्ष चंद्रमुखी यादव, सुनील कुमार वर्मा आदि भी उसकी देखरेख कर रहे हैं। बुधवार दुपहर करीब साढ़े 12 बजे महिला ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया।
सीएमएस डॉ. अमिता गर्ग ने बताया कि महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। जन्म के समय बच्ची का वजन करीब ढाई किलो है। उन्होंने बताया कि अभी चार-पांच दिन दोनों को अस्पताल में ही डॉक्टरों की देखरेख में रखा जाएगा। जो लोग मंदबुद्धि महिला और उसकी बेटी को अपनी देखरेख में लेना चाहते हैं, सरकारी प्रक्रिया के बाद ही दोनों को उनकी सुपुर्दगी में दिया जाएगा। महिला के बेटी होने की जानकारी डीएम, एसएसपी और शहर कोतवाल को दे दी गई है।
लोक आस्था ने किया आवेदन
लोक आस्था संस्था की अध्यक्ष चंद्रमुखी यादव और सचिव सुनील कुमार वर्मा ने महिला और उसकी बेटी की देखरेख के लिए दोनों को अपनी सुपुर्दगी में लेने के लिए आवेदन किया है। इस संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग, प्रशासनिक सुधार एवं शिकायत विभाग के चेयरमैन, डीएम और एसडीएम को आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि महिला और उसकी बेटी को संस्था शुक्रताल के आर्य महिला वृद्धा आश्रम में रखकर दोनों को पूरी तरह से भरण-पोषण किया जाएगा।
रेप करने वाले की हो पहचान
अर्धविक्षिप्त महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। मानवता के नाते सामाजिक संस्था महिला की देखरेख तो कर रही है, लेकिन इस मामले में पुलिस और प्रशासन ने सक्रियता नहीं दिखाई। किसने इस महिला के साथ रेप किया, इसकी कोई छानबीन नहीं की गई है। हालांकि पुलिस के लिए यह कोई बड़ा काम नहीं है। बच्चे का डीएनए टेस्ट कराकर शक के दायरे में आने वाले लोगों का डीएनए कराया जा सकता है। इससे असली आरोपी की पहचान आसानी से की जा सकती है। क्षेत्र के कुछ लोगों पर शक है, जिन्हें महिला के साथ देखा गया, ऐसे लोगों को पूछताछ के दायरे में लिया जा सकता है।
अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
डीएम डीके सिंह ने कहा कि अर्द्धविक्षिप्त महिला को सुरक्षा और उसके बच्चे की देखभाल की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह और सीओ सिटी तेजवीर सिंह को सौंपी गई है। महिला के साथ जो भी घटना हुई, इसकी जांच भी यही अधिकारी करेंगे।
तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
एसपी सिटी राजेश सिंह ने बताया कि अर्द्धविक्षिप्त महिला के साथ रेप जैसी कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। इस मामले में कोई तहरीर आएगी तो वह कार्रवाई करेंगे। कानून सबके लिए बराबर है।