मुजफ्फरनगर। पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली के परिवार की जमीन पर बनाई गई मस्जिद को शत्रु संपत्ति घोषित किया जा चुका है। राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन ने 14 जनवरी को मस्जिद के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने का एलान किया है। रविवार रात मस्जिद पर गेट लगाए जाने की सूचना पर एसडीएम सदर निकिता शर्मा पुलिस के साथ पहुंची, लेकिन मौके पर स्थिति सामान्य मिली। राष्ट्रीय संयोजक संजय अरोड़ा ने कहा कि गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक की ओर से शत्रु संपत्ति घोषित करने पर भी जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जामुक्त नहीं कराया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार, एमडीए सचिव, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, सीओ सिटी और पालिका के ईओ से मामले की जांच की थी। जांच में सामने आया कि खसरा नंबर 930 पर दुकानों का किराया वक्फ बोर्ड के मुतवल्ली को जमा किया जा रहा है। आरोपी पक्ष ने 10 नवंबर 1937 का एक पत्र दिया, जिसके आधार पर बताया गया कि संपत्ति वक्फ बोर्ड में दर्ज है। इसके अलावा कोई प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। इस जांच के बाद संपत्ति को निष्क्रांत घोषित कर दिया गया था। अब गृह मंत्रालय ने इसे शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया है। दूसरे पक्ष ने हाईकोर्ट में अपील की है।