प्रदूषण प्रमाण पत्र भी नहीं मिला
जांच के दौरान वाहन के पास प्रदूषण प्रमाण पत्र भी नहीं पाया गया। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू हरित अधिकरण के नियमों का भी उल्लंघन किया जा रहा था। इन सभी नियमितताओं के आधार पर वाहन पर 40250 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
स्कूल संचालकों को दी चेतावनी
अधिकारियों ने सभी स्कूल संचालकों को चेतावनी दी है कि बच्चों के परिवहन के लिए नियमों के अनुरूप वाहनों का ही उपयोग किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की संस्तुति जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी जाएगी। परिवहन विभाग के अनुसार वाहन पर देय कर की गणना कार्यालय में की जाएगी और आगे भी ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।