देवबंद (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को छह हजार रुपये वार्षिक देने की घोषणा पर उलमा ने सवालिया निशान खड़ा किया है। उलमा ने कहा सरकार का यह ऐलान पीड़ितों के साथ भद्दा मजाक है। यदि सरकार को महिलाओं से हमदर्दी है तो यह रकम सालाना नहीं बल्कि प्रत्येक माह मिलनी चाहिए।
बृहस्पतिवार को जारी बयान में जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक और प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने छह हजार रुपये सालाना राशि का जो ऐलान किया है लगता है वो पीड़ित महिलाओं के साथ भद्दा मजाक है, क्योंकि छह हजार रुपये की राशि आज के महंगाई के दौर में कोई मायने नहीं रखती और ऊपर से वो रकम भी साल में एक बार मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह महसूस होता है कि योगी सरकार महिलाओं को रिझाने के लिए केवल राजनीति कर रही है। सब जानते हैं कि इस रकम से तलाक पीड़ित महिलाओं का कोई भला नहीं होने वाला। कारी इस्हाक ने कहा कि अगर सरकार को महिलाओं से इतनी हमदर्दी है तो छह हजार रुपये सालाना नहीं बल्कि महीने में छह हजार रुपये दें। जब हम समझेंगे कि सरकार महिलाओं के प्रति हमदर्दी रखती है और उनके दर्द को बांटना चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तलाक पीड़ितों को उक्त रकम प्रति माह देने की मांग की।