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Sanjeev Jeeva Murder: सलाखों के पीछे से सियासी ताकत हासिल करना चाहता था संजीव, चला था ये दांव

Thu, 08 Jun 2023 10:43 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

मुजफ्फरनगर जनपद निवासी कुख्यात संजीव जीवा की लखनऊ कोर्ट में हत्या कर दी गई। उम्रकैद हो जाने के बाद से जीवा जेल में बंद था। सलाखों के पीछे से ही वह राजनीतिक सत्ता हासिल करना चाहता था। इसके लिए उसने पत्नी पर दांव भी खेला था।
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संजीव जीवा मर्डर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुख्यात संजीव जीवा ने राजनीतिक ताकत हासिल करने के प्रयास भी किए। सदर विधानसभा से रालोद के टिकट पर उसकी पत्नी पायल माहेश्वरी ने 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जमानत जब्त हो गई थी।

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लखनऊ में जीवा की हत्या कर दी गई। भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में उम्रकैद हो जाने के बाद से जीवा जेल में बंद था। परिवार पहले शामली, फिर मुजफ्फरनगर और अब दिल्ली में रह रहा है। कुख्यात जीवा ने पत्नी पायल माहेश्वरी के जरिए राजनीति में अपने कदम बढ़ाने शुरू किए थे। उसकी मंशा राजनीतिक ताकत हासिल करने की रही। जीवा की पत्नी रालोद में महिला प्रकोष्ठ के महासचिव पद पर भी रहीं।
 

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संजीव जीवा। - फोटो : अमर उजाला
2017 के विधानसभा चुनाव में सदर सीट से रालोद ने पायल को प्रत्याशी बनाया था। वर्तमान में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के सामने पायल को हार का सामना करना पड़ा।

अग्रवाल को 97838 वोट मिले थे, जबकि रालोद प्रत्याशी पायल को 5640 वोट से हासिल हुए थे। चुनाव हारने के बावजूद पायल रालोद के कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय नजर आई। हालांकि इसके बाद महिला प्रकोष्ठ भंग होने के चलते उनके पास कोई पद नहीं रहा।

संजीव माहेश्वरी जीवा - फोटो : फाइल फोटो
जीवा के साथ नामजद हुई थीं पायल 
कुख्यात संजीव जीवा की  पत्नी पायल को वर्ष 2022   में नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में मारपीट और धोखाधड़ी के मुकदमे भी नामजद किया गया था। निचली अदालत से अग्रिम जमानत अर्जी खारिज हो जाने के बाद पायल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 

कुख्यात अपराधी जीवा, माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी
पिछले वर्ष शामली में कुर्क की गई थी संपत्ति
संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा पुत्र ओम प्रकाश माहेश्वरी भले ही अपराध की दुनिया में कुख्यात रहा, लेकिन जिले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं है। वर्षों पूर्व वह परिवार के साथ मुजफ्फरनगर शिफ्ट हो गया था। उसके खिलाफ ज्यादातर मुकदमे भी वहीं दर्ज थे।
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लखनऊ कोर्ट में हत्याकांड - फोटो : amar ujala
मुजफ्फरनगर में दर्ज मुकदमों में गैंगस्टर एक्ट के तहत पिछले साल संजीव जीवा और उसकी पत्नी पायल माहेश्वरी की करीब आठ बीघा जमीन कुर्क की गई थी। थाना आदर्श मंडी और सदर कोतवाली क्षेत्र में स्थित इस जमीन की कीमत 1.86 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसके अलावा गांव आदमपुर में 21 बीघा भूमि को प्रशासन ने कुर्क किया था। यह जमीन उसने अपनी पत्नी और पुत्रों के नाम पर खरीदी थी।
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