मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय एकता, अखंडता और वैदिक संस्कृति के संवर्द्धन हेतु गांव बरला में आयोजित वृहद यज्ञ में ग्रामीणों ने आहुति दी। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि संस्कार और संस्कृति केवल वाणी में नहीं, बल्कि आचरण में दिखनी चाहिए।
मंगलवार को बरला गांव में वेद मंत्रोच्चार से यज्ञ में आहुति दी गई। यज्ञमान नरेश त्यागी सपत्निक रहे। यज्ञ ब्रह्म सुलभा शास्त्री ने कहा कि महर्षि दयानंद ने नारी जाति के उत्थान को उन्हें गुरुकुलों में विद्याध्ययन से जोड़ बेटियां संस्कृत, हिंदी में विशेष ज्ञान प्राप्त करें। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि संस्कार और संस्कृति केवल वाणी में नहीं, बल्कि आचरण में दिखनी चाहिए। दीपचन्द एवं ब्रह्मनंद आर्य ने प्रेरक भजन सुनाए। आर्य प्रतिनिधि सभा के जिलाध्यक्ष आनंद पाल सिंह, सोमपाल आर्य, डॉ. सतीश आर्य, अधिवक्ता चितेश त्यागी ने विचार रखे। अध्यक्षता वेदपाल सिंह आर्य एवं संचालन राकेश आडवाणी ने किया। तेजपाल सिंह, उपेंद्र कुमार, राजेश आर्य, जगदेव सिंह, मानपाल सिंह, प्रमोद, यशवीर सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।
उधर, स्वामी नित्यानन्द आश्रम दुधाहेड़ी में तीन दिवसीय यज्ञ की पूर्णाहुति हुई। इस अवसर पर यज्ञ, योग, वैदिक धर्म के संरक्षण में लग्नशील डॉ. कपिल आचार्य को आर्य रत्न की उपाधि से अलंकृत किया गया। राष्ट्र निर्माण पार्टी के अध्यक्ष आंनद कुमार ने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन का आह्वान किया। शुकतीर्थ के स्वामी सत्यवेश ने भजनों के जरिये अंधविश्वास को छोड़ने की अपील की। प्रबंधक जयविंद्र फौजी ने पूर्व सैनिकों को सत्यार्थ प्रकाश भेंट की। यज्ञमान सूबेदार धर्मपाल सिंह रहे। मंत्री चंद्र पाल आर्य ने आभार जताया। संचालन भीष्म आर्य ने किया। स्वामी ओंकारदेव, विजय पाल आर्य मेरठ, मदन पाल आर्य, जगदीश आर्य, उदयवीर फौजी, सुधीर आर्य, महिपाल, हरवेश भास्र उपस्थित रहे।