दो माह पूर्व छत्तीसगढ़ क्षेत्र में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए रुमालपुरी के वीर शहीद सचिन कुमार के परिजनों को सूबे की सपा सरकार ने 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद की है। बुुधवार को शहीद की पत्नी को डीएम और एसएसपी ने 20 लाख रुपये का चेक सौंपा। डीएम ने शहीद की स्मृति में हाईवे से गांव की ओर जाने वाली सड़क का नाम शहीद सचिन मार्ग रखने, द्वार और स्मारक बनाए जाने की घोषणा की।
मीरापुर के गांव रुमालपुरी निवासी भूषण सिंह का पुत्र और सीआरपीएफ का वीर जवान सचिन गत एक सितंबर को छत्तीसगढ़ के सुकमा जनपद की चिंतागुफा में नक्सलियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ था। सचिन अपने पीछे ढाई वर्ष का एक बेटा और पत्नी मीनू समेत पूरे परिवार को रोता बिलखता छोड़ गया था। दो माह बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने सहायता कोष से 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी बबलू कुमार के माध्यम से पीड़ित परिवार को भेजा।
दोनों अधिकारी बुधवार को गांव पहुुंचे और शहीद की पत्नी मीनू को 20 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मीनू ने रोते बिलखते हुए चेक स्वीकार किया। इस अवसर पर क्षेत्र की ओर से शहीद सचिन की स्मृति में सड़क का नामकरण करने, एक स्मारक बनाए जाने और हाईवे पर एक द्वार बनाए जाने की भी मांग डीएम से की गई। डीएम ने अपने संबोधन में सचिन के बलिदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि सचिन ने अल्प आयु में ही अपनी शहादत देकर देश का सम्मान बढ़ाया है।
वे वीर सचिन को नमन करते हैं और सचिन की स्मृति में सड़क का नामकरण करने, एक स्मारक बनाने तथा हाईवे के पास लिंक मार्ग पर द्वार बनाए जाने की भी घोषणा की। डीएम ने कहा कि दिसंबर माह में जनपद में सेना भर्ती होगी। एसएसपी बबलू कुमार ने कहा कि रूमालपुरी क्षेत्र में युवकों को सेना अथवा अर्द्घसैनिक बलों में भर्ती के लिये एक प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा, जिसमें युवकों को भर्ती की तैयारी संबंधित जानकारी दी जाएगी।
इस अवसर पर युवा सपा नेता चंदन चौहान, लोकदल जिलाध्यक्ष अजीत राठी, युवा लोकदल मंडल अध्यक्ष अभिषेक चौधरी, पूर्व ब्लाक प्रमुख विरेन्द्र सिंह, सपा प्रत्याशी शाहनवाज राना, सपा जिलाध्यक्ष श्यामलाल बच्ची सैनी ने विचार व्यक्त कर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री शबाब जैदी, सपा प्रदेश सचिव चौ रामशरण कश्यप, विक्रांत किरण, ब्लाक प्रमुख योगेश कुमार, प्रधान रामसिंह, अनंगपाल, मदनपाल, राजपाल, विक्रम सिंह, सुधीर भारती, शमशेर मलिक, ओमेन्द्र सिंह, जितेन्द्र कुमार, भूषण सिंह, धर्मपाल, तहसीलदार मनोज कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन महकार सिंह ढांसरी ने किया।