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ऑक्सीजन को लेकर मारामारी मची

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ऑक्सीजन को लेकर मारामारी
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मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण में ऑक्सीजन को लेकर मारामारी मची है। अपनों की जान बचाने के लिए लोग प्राणवायु के लिए भटक रहे हैं। घंटों लाइन में लगने के बावजूद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। उधर, गैस फिलिंग सेंटर पर भी मंगलौर से कम लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। बुधवार को भी रामा गैसेजे को 12 टन लिक्विड ऑक्सीजन के स्थान पर आधी छह टन ऑक्सीजन ही मिली है।
कोरोना संक्रमण ने कोहराम मचा रहा है। ऑक्सीजन लेवल कम होने पर बीमार दम तोड़ रहे है। जिले में अभी भी 4200 मरीज होम आइसोलेट हैं। ऑक्सीजन के लोग सिलिंडरों का इंतजाम कर रहे हैं। अपनों की जान बचाने के लिए लोग ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए भटक रहे है। हर ओर ऑक्सीजन के लिए मारामारी मची है। शहर में जहां भी सिलिंडर वितरण होता है, वहीं लोगों की लाइन लग जाती है। जिले में बाबा गैसेज ऑक्सीजन का निर्माण करता है, जबकि रामा गैसेज और इंडियन गैसेज लिक्विड गैस से सिलिंड फिलिंग का काम करते हैं। प्रशासन ने बाबा गैसेज को कोविड अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों को भी ऑक्सीजन देने के निर्देश दिए हैं।
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रामा गैसेज को एक-एक सिंलिडर आपूर्ति करने के निर्देश है, ताकि लोगों को ऑक्सीजन मिल सके। रामा गैसेज की ओर से मेरठ रोड पर आईटीआई कॉलेज परिसर में पुलिस की मौजूदगी में सिलिंडर विरतण कराया जा रहा है। रोजाना यहां पर भीड़ लग रही है। बुधवार को आधी ऑक्सीजन आपूर्ति होने के बावजूद रामा गैसेज ने करीब 200 सिलिंडर का वितरण कराया। यहां पर ऑक्सीजन सिलिंडर लेने वालों की संख्या सैकड़ों होने के कारण बुधवार को सभी को सिलिंडर नहीं मिल सका है। लोग घंटो लाइन में लगने के बावजूद बिना सिंलिडर भरे निराश होकर लौट गए। रामा गैसेज के मालिक अंकित सिंघल का कहना है कि कम ऑक्सीजन मिलने के बावजूद अधिक से अधिक सिलिंडर आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है।
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