रोडवेज डिपो को हर रोज डग्गामार वाहनों से दो लाख रुपये की चपत लग रही है। शहर में सक्रिय हुए डग्गामार वाहनों के खिलाफ एआरएम ने अभियान चलाया। दर्जनों गाड़ियों के बारे में पत्र बनाकर एआरटीओ को भेजा गया है। यातायात पुलिस कर्मियों को भी इसके लिए अलर्ट किया गया है।
जिले में बढ़ती डग्गामारी से रोडवेज डिपो को नुकसान उठाना पड़ रहा है। तमाम कार्रवाई के बाद भी डग्गामार वाहनों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सोमवार को एआरएम बीपी अग्रवाल ने पीटीओ सुधीर कुमार के साथ मिलकर अभियान चलाया। अधिकारियों ने भोपा, मेरठ, सहारनपुर रोड समेत जानसठ रोड पर डग्गामार वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की। यहां पर टाटा मैजिक, मैक्स-पिकअप, मिनी बस समेत ऑटो अवैध रूप से सवारियां ढोते हुए मिले। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए एआरटीओ को लिखा गया है।
उधर, रोडवेज डिपो की रोजाना कमाई करीब 20 लाख रुपये है, जबकि डग्गामारों के कारण हर रोज दो लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। डिपो अधिकारियों ने एक माह की गणना की तो करीब 32 लाख रुपये की चपत डग्गामार लगा चुके हैं। इस पर एआरएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
एआरएम ने एआरटीओ प्रवर्तन, प्रशासन को इस बाबत पत्र भेजकर घाटे से अवगत कराने के साथ ही अवैध रूप से दौड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई के लिए कहा है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि अवैध रूप से दौड़ रहे डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया गया। दर्जनों वाहन मिले हैं, जिनकी रिपोर्ट बनाकर एआरटीओ को भेजी गई है।