अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। गांधी कॉलोनी बिजलीघर पर हंगामे के मामले में गलत तरीके से प्राथमिकी दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए रालोद कार्यकर्ताओं ने मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता के कार्यालय पर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने एमसीबी से कार्यालय की बिजली काट दी। ऊर्जा निगम के खिलाफ नारेबाजी की। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के साथ अभियंता की ओर से गलत व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया। पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस की मौजूदगी में निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिलने पर कार्यकर्ता लौटे।
सोमवार को रालोद नेता सुधीर भारतीय, विदित मलिक और गौरव बालियान के नेतृत्व में सुबह 11 बजे कार्यकर्ता जानसठ रोड स्थित मुख्य अभियंता के कार्यालय पहुंचे। परिसर में बैठकर नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने एमसीबी के माध्यम से कार्यालय की बिजली कट कर दी।
हंगामे की जानकारी मिलने पर सीओ नई मंडी राजू कुमार साव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची। नई मंडी पुलिस के साथ बिजली आपूर्ति शुरू करने को लेकर रालोद कार्यकर्ताओं की खूब नोकझोंक हुई। कार्यकर्ताओं ने अभियंता के कार्यालय में जाने से इन्कार कर दिया।
करीब तीन घंटे बाद अभियंता पुलिस सुरक्षा के बीच कार्यकर्ताओं से बातचीत करने पहुंचे। करीब आधे घंटे की बातचीत में सहमति बनी कि गांधी वाटिका के प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। मुख्य अभियंता ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट मंत्री के साथ कोई गलत बर्ताव नहीं किया है। दोनों पक्षों में सहमति के बाद कार्यकर्ता लौट गए। इस मौके पर राजीव लाटियान, सतीश कुमार, सतेंद्र कुमार, जितेंद्र प्रधान, हरेंद्र कुमार, सतवीर सिंह मौजूद रहे।
पुलिस कर रही मामले की जांच : गुप्ता
मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रकरण की जांच पुलिस कर रही है। कार्यकर्ताओं से बातचीत की गई है। कार्यालय की बिजली भी गुल रही, उन्हें समझाने का प्रयास किया गया। बातचीत के दौरान निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया है।
इंसाफ नहीं तो होगा आंदोलन : सुधीर
रालोद नेता सुधीर भारतीय ने कहा कि अगर बेकसूर लोगों को इंसाफ नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा। कार्यकर्ता किसी भी सूरत में पीछे हटने वाले नहीं है। सीओ नई मंडी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। ऊर्जा निगम के अधिकारी लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं।
अफसरशाही हावी...मंत्री का काट रहे फोन : मलिक
चरथावल के सपा विधायक पंकज मलिक ने बयान जारी कर कहा कि अफसरशाही इस कदर हावी हो गई है कि आम जनता व जनप्रतिनिधियों के साथ उनका व्यवहार असम्मानजनक हो चुका है। कैबिनेट मंत्री का विद्युत विभाग के अफसर की ओर से जानबूझकर फोन काट देना व समस्या की शिकायत करने वाले पर ही प्राथमिकी दर्ज कराना यही दर्शाता है। हम कड़े शब्दों में इसकी निंदा करते हैं ।
यह था मामला
शहर के गांधी कॉलोनी, सुभाष नगर से संबंधित क्षेत्र की गली नंबर 17 में शुक्रवार रात करीब 1.30 बजे 400 केवीए के ट्रांसफार्मर में फॉल्ट होने से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। सुबह करीब 9.30 बजे नया ट्रांसफार्मर रखवाया गया।
ट्रांसफार्मर को नो-लोड पर चार्ज करने के बाद जब लाइनमैन ने उस पर लोड लेने का प्रयास किया तो कुछ लोगों ने हंगामा कर दिया। आरोप था कि लाइनमैन सुधीर को हंगामा कर रहे लोगों ने अपने बीच बैठा लिया और गांधी वाटिका फीडर को बंद करा दिया। अवर अभियंता तकनीकी रमनजीत सिंह की ओर से मोनू, आशु बालियान और अभिषेक त्यागी के अलावा 15-20 अज्ञात लोगों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित बंधक बनाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
जानसठ बाईपास स्थित उर्जा निगम के मुख्य अभियंता के कार्यालय पर हंगामे के दौरान कार्यकर्ताओं को
जानसठ बाईपास स्थित उर्जा निगम के मुख्य अभियंता के कार्यालय पर हंगामे के दौरान कार्यकर्ताओं को
जानसठ बाईपास स्थित उर्जा निगम के मुख्य अभियंता के कार्यालय पर हंगामे के दौरान कार्यकर्ताओं को
जानसठ बाईपास स्थित उर्जा निगम के मुख्य अभियंता के कार्यालय पर हंगामे के दौरान कार्यकर्ताओं को
जानसठ बाईपास स्थित उर्जा निगम के मुख्य अभियंता के कार्यालय पर हंगामे के दौरान कार्यकर्ताओं को