महापंचायत के मंच पर चौधरी नरेश टिकैत और जयंत चौधरी को लगे लगाते गुलाम मौहम्मद जौला।
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किसान का अस्तित्व बचाने की लड़ाई: जयंत
मुजफ्फरनगर। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में जालिमों की सरकार है। राकेश टिकैत रोए हैं तो हम सबकी जिम्मेदारी है कि एक होकर लड़े। यह संकट की घड़ी है, जी दुखी है, जी रो रहा है। जो आदमी साफ होता है, वह रोता है। चौधरी चरण सिंह अपनी बात कहते हुए रो पड़ते थे। भाव छुपाकर रखने वाला कायर होता है।
उन्होंने कहा कि चौधरी अजित सिंह ने मुझे यहां यह कहकर भेजा है कि सारी बात छोड़ दे और किसानों के बीच जा। किसानों की लड़ाई मुजफ्फरनगर का किसान ही लड़ सकता है। भाजपा अपराधियों का बचाने का काम करती है। लोनी विधायक भी गलत चुनकर आए। इस सरकार ने बलात्कारी कुलदीप सेंगर को बचाने की कोशिश की। हाथरस के मामले को दबाने के लिए हम लोगों पर लाठीचार्ज किया गया है। ये कहीं हिंदू-मुसलमान तो कहीं जाति के नाम पर लड़ाते हैं। योगी के मुद्दे अलग है। लव जेहाद, मुगल पता नहीं क्या-क्या। जनहित से कोई लेना देना नहीं है। जयंत ने कहा कि बीजेपी के सांसदों को गांव बुलाकर पूछना चाहिए कि किसान बिल क्यों लाए। उनसे बहस करें, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने बड़ौत धरने पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की।
लोटा नमक ले कसम खिलाई
मुजफ्फरनगर। जयंत चौधरी ने महापंचायत में आए लोगों से गंगाजल लोटे में डालकर और उसमें नमक डालकर एक होने की कसम खिलाई। किसान आंदोलन में सभी एकजुट रहेंगे और आगे से एक साथ ही अपना निर्णय लेंगे। जिलाध्यक्ष अजीत राठी गंगाजल, नमक और लोटा लिए हुए पहले से ही मौजूद थे। जयंत चौधरी ने मंच से ही कहा कि जो लोग तीन कृषि कानूनों के विरोध में साथ नहीं है उनका हुक्का पानी गेरो और उनका सामाजिक बहिष्कार करो।