2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुए चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मुकदमे में रालोद के राष्ट्रीय महासचिव ताराचंद शास्त्री ने एसीजेएम द्वितीय कोर्ट में सरेंडर किया। अदालत से उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। कोर्ट ने बीस हजार के निजी मुचलके पर उन्हें रिहा किया।
ताराचंद शास्त्री ने 2012 के विधानसभा चुनाव में खतौली सीट से बपसा प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़ा था। तब सरकारी भवनों और निजी वाहनों पर चुनाव प्रचार सामग्री के पोस्टर आदि लगाने पर खतौली कोतवाली में उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ था। अब यह मुकदमा एसीजेएम द्वितीय जितेंद्र कुमार की कोर्ट में चल रहा है।
चुनाव के बाद ताराचंद शास्त्री बसपा छोड़ कर रालोद में आ गए थे। कोर्ट में पेश नहीं होने पर विगत दिनों न्यायालय ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। शुक्रवार को रालोद नेता शास्त्री एसीजेएम द्वितीय कोर्ट में पेश हुए। उनके 20 हजार के पर्सनल मुचलके पर एनबीडब्ल्यू वारंट रिकॉल हुआ।
कोर्ट ने आगे सुनवाई के लिए 23 जनवरी की तारीख नियत की है। उल्लेखनीय है कि 2012 के विस चुनाव में शास्त्री के अलावा पूर्व खतौली पालिका चेयरमैन हाजी शाहनवाज लालू, राजवीर वर्मा उर्फ टीटू, ब्रजपाल, प्रमोद कुमार आदि के खिलाफ भी चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मुकदमे दर्ज हुए थे, ये सभी मुकदमे भी कोर्ट में लंबित चल रहे हैं।