रैली को संबोधित करते तृणमूल कांग्रेस के सांसद नजीबुल हक ।
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बंगाल से आए तृणमूल कांग्रेस के सांसद नजीबुल हक ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जिंदा होते तो नोटबंदी के खिलाफ पूरे देश में क्रांति हो जाती। वेनेजुएला में तीन दिन में सरकार को नोटबंदी का फैसला वापस लेना पड़ा। किसान अधिकार रैली में सांसद ने कहा कि सरकार को पता है कि किन लोगों के पास काला धन है। सरकार आम जनता को परेशान कर रही है। केंद्र सरकार ने 50 दिन मांगे थे 40 दिन में पता नहीं कितनी बार नियम बदल दिए।
नरेंद्र मोदी सरकार नहीं चला पा रहे हैं। आम जनता को परेशान करके रख दिया है। चौधरी चरण सिंह होते तो देश में नोटबंदी पर क्रांति हो जाती। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की सरकार को तीन दिन में फैसला वापस लेना पड़ा। नोटबंदी केवल अमीरों को लाभ पहुंचाने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी मॉ-माटी-मानुष यानी किसान की बात करती है। उन्होंने बंगाल में फिरकापरस्त ताकतों को जवाब दिया है।
चौधरी ने दी भूमिहीनों को जमीन
मुजफ्फरनगर। रालोद के प्रदेश अध्ययक्ष डॉ मसूद अहमद ने कहा कि चौधरी चरणसिंह ने जमीदारा एक्ट लाकर किसानों को उनकी जमीनों का मालिक बनाया। प्रदेश में चकबंदी की शुुरुआत कर भूमिहीनों को जमीन देने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में भाईचारा कायम रहना चाहिए। हम सबकों को इसके लिए चौधरी अजित पर विश्वास करना होगा।
मोदी का किसान-गरीब से मतलब नहीं : दानिश
मुजफ्फरनगर। जनतादल सेक्युलर के नेता दानिश अली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गरीब-किसान से कोई मतलब नहीं है। ये केवल पूंजीपतियों के लिए काम कर रहे हैं। राष्ट्रवाद के इनके मायने अलग हैं। पश्मि में बीते दिनों जो हुआ उसे भूल जाना चाहिए। किसान और मुसलमान दोनो का भला इसी में है। मुसलमानों को यह सोचना चाहिए कि 1980 में उनके कितने सांसद थे आज कितने हैं। रालोद के साथ लगकर ही उनका भला हो सकता है। कार्यक्रम में पूर्व पीएम देवगौड़ा को आना था, वह नहीं आ पाए। उन्होंने मुझे भेजा है।
26 में लखनऊ पहुंचने की अपील
मुजफ्फरनगर। रालोद महासचिव त्रिलोक त्यागी ने किसानों से 26 दिसंबर को लखनऊ पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी के नेतृत्व में किसानों की समस्याओं को लेकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा।