मुजफ्फरनगर के डीएस पब्लिक स्कूल में चंद्रशेखर आजाद के चित्र पर माल्यार्पण करते शिक्षक।
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जयंती पर लोकमान्य तिलक और आजाद को याद किया
मुजफ्फरनगर। लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एवं महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती मनाई गई।
प्रधानाचार्य हरिओम गणपति सहस्त्रबुद्धे ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एवं चंद्रशेखर आजाद के चित्र पर पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शिक्षक प्रमोद शर्मा ने लोकमान्य तिलक के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 23 जुलाई 1856 को एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। भारत के स्वाधीनता संग्राम के विषय में इन्होंने स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम इसे लेकर रहेंगे, का नारा दिया। इन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की नींव को हिला कर रख दिया। देश इन्हें एक महान राजनैतिक, कुशल शिक्षाशास्त्री और महान देशभक्त के रूप में सदैव याद करता रहेगा।
शिक्षिका श्वेता सारस्वत ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्य प्रदेश के भावरा में हुआ था। अपनी क्रांतिकारी विचारधारा के कारण ये अंग्रेजी सरकार की नजरों में खटकने लगे थे। 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में अंग्रेजों का सामना करते हुए ये वीरगति को प्राप्त हुए। देश के लिए जीना और देश के लिए मरना ही उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य था। हमें भी उनके जीवन आदर्शों पर चलना चाहिए।
डीएस पब्लिक स्कूल में चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर कार्यक्रम में प्रधानाचार्या संतोष जैन ने आजाद की भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका को बताया। कहा कि ऐसे महान देशभक्त एवं वीर सपूत की भारत भूमि युगों-युगों तक ऋणी रहेगी। एडमिनिस्ट्रेटर गगन शर्मा ने भी विचार रखे।
भोपा के जनता इंटर कॉलेज में चंद्रशेखर आजाद के चित्र पर माल्यार्पण करते शिक्षक व कर्मचारी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR