छपार। गैंगरेप की शिकार बनी स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी आशा की मौत को लेकर बुधवार को दिनभर हंगामा रहा। जिलेभर की आशा कर्मचारी सड़क पर उतर आईं। पुलिस को उनका आक्रोश झेलना पड़ा। दो घंटे तक दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा। पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी की गई। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉक्टर संजीव बालियान के छपरा गांव में पहुंचने के बाद ही देर शाम शव का अंतिम संस्कार किया गया। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
गर्भवती महिला की डिलीवरी कराने के लिए बुलाई गई आशा कर्मचारी को वापस गांव छपरा छोड़ने के लिए जाते हुए गांव के ही शाहिब और उसके साथियों ने गैंगरेप किया था। दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने महिला की वीडियो क्लिप बनाकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। उत्पीड़न से त्रस्त महिला ने मंगलवार को जहर खाकर जान दे दी थी। घटना पर आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बुधवार सुबह महिला का पोस्टमार्टम कराया। डीएम निखिलचंद्र शुक्ला के निर्देश पर डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम पर नेताओं और ग्रामीणों की भीड़ जुटती देख प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
इसी बीच हाथ में लाठी-डंडे लिए आशा कर्मियों ने छपार में एनएच-58 पर जाम लगा दिया। दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों और कई किलोमीटर तक वाहनों की लाईनें लग गईं। पोस्टमार्टम के बाद आशा के शव को पुलिस ने बसेड़ा मार्ग से गांव ले जाने की कोशिश की तो ग्रामीण भड़क उठे। छपरा जाने वाली सड़क पर स्वास्थ्य विभाग की आशाओं का जमावड़ा देख पुलिस ने जैसे-तैसे लोगों को मनाया। पुलिस फोर्स के साथ एंबुलेंस में महिला के शव को गांव ले जाया गया। आरोपियों के दूसरे समुदाय से होने की वजह से गांव में शव पहुंचते ही तनाव फैल गया। आरोपी शाहिब का घर बंद मिला।
मां के शव को देख बच्चे बिलख उठे। परिजनों में कोहराम मच गया। इसी बीच गुस्साई आशाओं ने गांव में मुख्यमंत्री और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। एसपी सिटी प्रदीप गुप्ता और एडीएम प्रशासन मनोज कुमार का आशा कर्मियों ने घेराव कर गैंगरेप के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने और परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की। पूर्व प्रमुख वीरेंद्र सिंह कुतुबपुर की मौजूदगी में ग्रामीणों ने केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री डॉक्टर संजीव बालियान को बुलाने पर ही दाह-संस्कार करने का ऐलान कर दिया। पूरे मामले से अधिकारियों ने डीएम निखिलचंद्र शुक्ला और एसएसपी केबी सिंह को अवगत कराया।
देर शाम केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री बालियान के छपरा गांव पहुंचने पर ही अंतिम संस्कार किया गया। बालियान ने भरोसा दिलाया कि मृतक आशा के बच्चों को दस लाख रुपये का मुआवजा और हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के बाद सरकारी नौकरी दिलाई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के दबाव में प्रशासन काम कर रहा है। अंतिम संस्कार के समय गांव में भारी पुलिस बल, पीएसी और आरआरएफ मुस्तैद रही। पूर्व चेयरमैन कपिलदेव अग्रवाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व विधायक मिथलेश पाल, बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम आदि ने परिजनों को सांत्वना दी। उधर, पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी शाहिब को हिरासत में ले लिया है। उससे अज्ञात स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं।
बहू-बेटियों के सम्मान से खिलवाड़ नहीं होने दूंगा : बालियान
छपार। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री डॉक्टर संजीव बालियान ने कहा कि महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आशा कर्मचारी से गैंगरेप के आरोपियों पर रासुका लगाई जाए। छपरा गांव में आशा कर्मचारी के परिजनों को सांत्वना देने के बाद बालियान महिला के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। घटना शर्मनाक और दोषियों की दरिंदगी को दर्शाती है। लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं रोकने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। संधावली में बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर मंगलवार को गोली मार दी गई। इस मामले में डीएम और एसएसपी से बात कर तत्काल हमलावरों को गिरफ्तार करने के लिए कहा गया है। बालियान ने आश्वासन दिया कि आशा के परिजनों को दस लाख का मुआवजा दिलाया जाएगा। बच्चों को हाईस्कूल उत्तीर्ण करने पर सरकारी नौकरी दिलाई जाएगी। पूर्व विधायक अशोक कंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष सतपाल सिंह पाल, पूर्व जिलाध्यक्ष देवव्रत त्यागी, राजेंद्र सिंह गुर्जर, राजीव गर्ग, रमेश खुराना आदि मौजूद रहे।