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एमडीए के पीएम आवास योजना में राना परिवार का अड़ंगा    

Sat, 30 Jun 2018 12:12 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर में अधिकारियों से उलझते राना परिवार के सदस्य। - फोटो : अमर उजाला
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एमडीए की पीएम आवास योजना के प्रारंभ होने से पहले ही राना परिवार ने निर्माण कार्य में अड़ंगा लगा दिया। राना परिवार ने निर्माणाधीन जमीन पर अपना हक जताया। एमडीए ने कहा कि कुंज बिहारी अग्रवाल से जिस जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और जिसे राजस्व विभाग ने नपाई कर दिया, उसी पर निर्माण हो रहा है। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सभी पहुंचे। मौके पर घंटों तनाव की स्थिति बनी रही।               
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केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना शहर के उन लोगों के लिए है, जिनके पास अपने आवास नहीं हैं। ऐसे लोगों को एमडीए आवास उपलब्ध कराएगा। इसी कड़ी में 750 आवास एमडीए खुद बना रहा है। मेरठ रोड पर राना हाउस के पास जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन और भाजपा नेता कुंजबिहारी अग्रवाल की भूमि को उचित मानते हुए एमडीए ने कॉट्रेक्ट के तहत लिया।

तहसील रिकार्ड के अनुसार खसरा नंबर 1607 और 1608 में दर्ज इस भूमि में से 1.2 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री सर्किल रेट के आधार पर एमडीए ने पीएम आवास योजना शहरी के लिए कराई है। तहसील की राजस्व की टीम जमीन पर निशान भी लगा चुकी है। राजस्व विभाग द्वारा चिह्नित की गई जमीन के आधार पर एमडीए ने निर्माण कार्य शुक्रवार की सुबह प्रारंभ किया।
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निर्माण कार्य प्रारंभ होते ही राना परिवार के पूर्व सांसद कादिर राना, पूर्व विधायक नूरसलीम उर्फ पप्पू राना और पूर्व विधायक एवं रालोद नेता शाहनवाज राना ने अपने समर्थकों के साथ विरोध किया। इन लोगों का कहना था कि जिस जमीन में निर्माण हो रहा है, उसमें कुछ उनकी भी है। विरोध करते हुए इन लोगों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया।

सूचना मिलते ही एमडीए के सचिव राजवीर सिंह मावी, मुख्य अभियंता एसपी सिंह, अधिसाशी अभियंता पीसी शर्मा, एई योगेश शर्मा और जेई हितेश गुप्ता एवं ओम सिंह तोमर मौके पर पहुंचे। इसी बीच सिटी मजिस्ट्रेट अमित सिंह, तहसीलदार सदर रंजीत सिंह राजस्व निरीक्षक और पटवारी के साथ वहां पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने राना परिवार के सदस्यों से बात की और उनकी आपत्ति को सुना।

उनकी मांग के अनुसार उन्होंने तहसीलदार को भूमि की पैमाइश कराने के निर्देश दिए। घंटों तक पैमाइश की कार्यवाही चलती रही। सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष भी शाहनवाज राना ने यही मांग रखी कि उनकी भूमि को इसमें मिला दिया गया है, ऐसे में कोर्ट का निर्णय होने तक यहां पर निर्माण कार्य बंद रखा जाए।

सिटी मजिस्ट्रेट अमित सिंह ने कहा कि भूमि की रजिस्ट्री एमडीए के पक्ष में योजना के लिए कराई गयी है। इसकी पैमाइश करा दी गई है। तहसील प्रशासन को रिकार्ड प्रस्तुत करने को कहा गया है, यदि उनकी भूमि किसी कारणवश इसमें समाहित हो गई है तो रिकार्ड के आधार पर जांच के बाद उनको वापस कराई जायेगी। योजना में जबरन अड़ंगा सहन नहीं किया जाएगा।              
  
एमडीए अपनी जमीन पर कर रही निर्माण             
मुजफ्फरनगर। एमडीए के सचिव राजबीर सिह मावी का कहना है कि एमडीए जिस जमीन पर निर्माण कर रहा है, वह तहसील में रजिस्ट्री के माध्यम से ली गई है। कुछ लोग जानबूझकर योजना में अडंगा लगाने का प्रयास कर रहे हैं। पीएम आवास योजना की मॉनिटरिंग दिल्ली और लखनऊ से प्रतिदिन हो रही है। ऐसे में निर्माण कार्य नहीं रोका जा सकता है।  
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