अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। चर्चित रामपुर तिराहा कांड की सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी पत्रावली में सुनवाई के दौरान महिला गवाह ने 31 साल बाद तीन आरोपियों की पहचान की। बचाव पक्ष की ओर से सात आरोपियों का हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दिया गया। अपर सत्र न्यायालय पॉक्सो कोर्ट संख्या दो के पीठासीन अधिकारी ने सुनवाई की।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान 11 आरोपी अदालत में पेश हुए। देहरादून से आई गवाह ने एक अक्तूबर 1994 की रात हुए घटनाक्रम का समर्थन किया। महिलाओं पर किए गए अत्याचार, लूटपाट और दुष्कर्म की अपने बयान से पुष्टि की।
गवाह ने कठघरे में खड़े 11 आरोपियों में से पुलिसकर्मी वीरेंद्र प्रताप, कृपाल सिंह और वीरेंद्र कुमार की पहचान की। साथ ही यह भी कहा कि बस में चढ़े हुए अन्य आरोपियों की पहचान की कोशिश भी वह कर सकती है। वारदात के दौरान बस की हेडलाइट जली हुई थी। सात आरोपियों की ओर से दिए गए हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र के कारण गवाही 21 फरवरी को भी जारी रहेगी। ै