तर्क दिया कि सीबीआई ने कोर्ट में दस्तावेज दाखिल किए थे, जिसकी रिसीविंग भी सुरक्षित है। अदालत में इंडेक्स सूची और रिसीविंग कॉपी दाखिल की गई। कुल 27 दस्तावेज थे, जिनकी रिसीविंग सूची दाखिल की गई है। प्रकरण में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है। अदालत ने प्रार्थनापत्र के निस्तारण के लिए 11 फरवरी नियत कर दी है।
तीन साल पहले मिल गई थी स्वीकृति
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की गायब मूल पत्रावलियों की फोटोकॉपी के आधार पर साक्ष्य कराने को लेकर तीन साल से सुनवाई चल रही है। वर्ष 2023 में तत्कालीन अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने फोटोकॉपी को स्वीकृति दे दी थी। बचाव पक्ष ने अदालत में विरोध किया, जिसके बाद इस पर दोबारा सुनवाई शुरू हुई। अब 11 फरवरी को फैसले के लिए नियत की गई है।