मिलेनियम स्कूल में दशहरा पर्व मनाते बच्चे
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मुजफ्फरनगर में रामलीलाओंं में अंतिम दिन लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ, कुंभकरण वध की लीला को देखने दर्शकों की भीड़ उमड़ी। लक्ष्मण शक्ति के बाद राम का विलाप सुनकर दर्शकों की आंखें भी नम हो गईं।
शहर की रामलीलाओं में अंतिम दिन मेघनाद और लक्ष्मण के बीच भीषण युद्ध की लीला दिखाई गई। लक्ष्मण के मूर्छित होने पर राम के विलाप ने दर्शकों की आंखें नम कर दी। हनुमान जी का संजीवनी बूटी लाना और लक्ष्मण के प्राण बचाना। इसके बाद मेघनाद और कुंभकरण के वध की लीला का मंचन हुआ। शहर की सभी रामलीलाओं में दर्शकों की भीड़ रही।
टाउन हाल, इंदिरा कालोनी, पटेलनगर, नईमंडी, गांधी कालोनी की लीलाओं में कलाकारों ने मंचन से अलग छाप छोड़ी। वहीं पुरकाजी में कस्बे में चल रही रामलीला में रविवार रात रावण अंगद संवाद की लीला का मंचन बेहद सुंदर ढंग से किया गया, जिसमें दिखाया गया कि श्रीराम का संदेश लेकर बाली पुत्र अंगद लंका में जाता है और रावण से सीता जी को वापस कर श्रीराम के चरणों में गिरकर माफी मांगने को कहता है, जिस पर रावण क्रोधित हो उठता है।
अपने सिपाहियों को अंगद को बंदी बनाने का आदेश देता है तो अंगद अपना पैर जमीन पर जमा कर रावण को उसे मात्र हिलाने की चेतावनी देता है, लेकिन रावण का कोई भी योद्धा अंगद के पैर को हिला नहीं पाता। रावण की भूमिका सुशील वर्मा, अंगद की सागर कोरी ने निभाई।