मुजफ्फरनगर। भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन त्योहार जिलेभर में पारंपरिक रीति-रिवाज से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलई पर रक्षासूत्र बांधकर मंगल कामनाएं कीं। भाइयों ने उपहार भेंट किए। बाजारों, बसों और ट्रेनों में भीड़ रही। सड़कों पर भी दुपहिया वाहनों की अधिक आवाजाही रही।
शनिवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। बहनों ने भाइयों के लिए मंगल कामनाएं की। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर रक्षा का संकल्प लिया तथा मंगल तिलक कर दीर्घायु की कामना की। सुबह से ही बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर महिलाएं गंतव्य तक जाने के लिए पहुंचने लगी थी। बसों में भीड़ रही।
देहात के मार्गों पर यात्रियों को परेशानियां भी उठानी पड़ी। देहात के रूटों पर बसों की व्यवस्था न होने से महिलाएं परेशान रहीं। निजी वाहनों से भी लोगों ने सफर किया, जिसके चलते मार्गों पर वाहन अधिक रहे। बच्चों में पर्व को लेकर खासा उल्लास देखने को मिला।
बाजारों में रक्षा सूत्रों और मिठाई की खरीदारी की गई। शहर के शिव चौक, भगत सिंह रोड, झांसी की रानी रोड और नई मंडी इलाके में राखियों के स्टॉल लगाए गए थे। सामाजिक संस्थाओं ने भी रक्षाबंधन मनाया। बंदियों को राखी बांधने के लिए भी बहनें मिठाई और फल लेकर पहुंचीं। शहरी क्षेत्र में शुभ मुहूर्त देख कर दुपहर बाद यह पर्व मनाया गया।
मीरापुर। भाई बहनों के प्यार के पर्व रक्षाबंधन पर बहनों ने राखी बांधकर भाइयों की दीर्घायु की कामना की। प्रात: से ही पर्व की धूम क्षेत्र में शुरू हो गयी थी। परिवारों में रक्षाबंधन पर्व से संबंधित पौराणिक कहानी सुनाई गई। पर्व के लिए दिन भर आवागमन बना रहा। बसों में भारी भीड़ रही। ओम शांति संस्थान की ओर से बहन प्रवेश ने बड़ी संख्या में भाइयों को राखी बांधी। पर्व के अवसर पर मिठाई, राखी विक्रताओं आदि की दुकानों पर भीड़ रही।
पुरकाजी। बहन भाई के अटूट प्यार का प्रतीक पर्व रक्षा बंधन शनिवार को कस्बे व देहात क्षेत्र में भारी हर्षोंल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधकर मंगल तिलक कर उनकी दीर्घायु की कामना की और भाइयों ने बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। कस्बा पुरकाजी के बाजारों में भी पर्व को लेकर भीड़-भाड़ रही।
जेल में राखी बांधने पहुंचीं 300 बहनें
भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए जिला कारागार के बाहर बहनों की लंबी कतार रही। जेल अफसरों की तरफ से किए पुख्ता प्रबंधों के बीच त्योहार की परंपरा निभाई गई। मेन गेट पर सतर्कता के साथ तालाशी लेने के बाद बहनों को अंदर एंट्री दी गई।