केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान से बात करते शंराचार्य।
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मोरना के शुक्रताल के श्री लक्ष्मी नारायण आश्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य राज राजेश्वराश्रम से केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने मुलाकात की। उन्होंने शुक्रताल के विकास को लेकर गहन मंत्रणा की। शंकराचार्य ने कहा कि गंगा को गंदा करने वालों पर महाभियोग चलाकर उन्हें मृत्युदंड की सजा देनी चाहिए।
शुक्रताल के लक्ष्मी नारायण आश्रम में साधना करने पधारे जगद्गुरु शंकराचार्य राज राजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि गंगा भारत की पहचान है। प्रदूषित गंगा को लेकर काफी समय से प्रयास चल रहे हैं, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा भी गंगा को स्वच्छ करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
भारत ऋषि और कृषि प्रधान देश है। गंगा के किनारे ऋषि और कृषि दोनों का पोषण गंगा के द्वारा होता है। उन्होंने कहा कि पूजा सामग्री और जल समाधि को गंगा में प्रदूषण का कारण माना जाता है, लेकिन इनसे गंगा स्वच्छ होती है। गंगा गटर, बड़े-बड़े कारखानों के रासायनिक जल से दूषित होती है, इसलिए सरकार को चाहिए जो लोग गंगा में दूषित जल और मल छोड़ रहे हैं, उन पर गंगा महाअभियोग लगाकर मृत्युदंड की व्यवस्था की जाए।
केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बताया कि गंगा जल की शुद्धता को लेेकर उत्तराखंड के लक्सर कस्बे में वाटर ट्रीटमेंट संयंत्र लगाने का काम चल रहा है। शुक्रताल के चहुंमुखी विकास को लेकर भी केंद्र सरकार प्रयासरत है। शुक्रताल को भारत के पर्यटन स्थलों की सूची में लाने के लिए गंगा की बड़ी धारा को शुक्रताल में लाना होगा। इस दौरान भाजपा नेता डॉ. वीरपाल निर्वाल, विरेंद्र प्रमुख, अमित राठी, संजय अग्रवाल, राजीव सिंह, शिवम आर्य, पकंज माहेश्वरी, सोनू अग्रवाल, भोलाराम शास्त्री, राजकुमार राठी, संजय आदि मौजूद रहे।