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रेलवे फ्रंट कोरिडोर ने मांगी किसानों की मांग

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रेलवे फ्रेट कॉरिडोर ने मांगी किसानों की मांग
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मुजफ्फरनगर। किसानों को अनुदान की राशि पांच लाख रुपये देने की मांग को लेकर भाकियू ने रेलवे स्टेशन का घेराव करने की चेतावनी दी थी। रेलवे फ्रेट कॉरिडोर ने भाकियू के साथ हुई बैठक में किसानों की मांग मान ली है। रेलवे पर चेतावनी का असर साफ दिखाई दिया।
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पिछले दिनों खतौली में भारतीय किसान यूनियन की पंचायत में भाकियू के मंडल महासचिव राजू अहलावत ने 25 नवंबर को मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन का घेराव करने की चेतावनी दी थी। सभी किसानों को रेलवे फ्रेट कॉरिडोर परियोजना में अनुदान की राशि पांच लाख देने की मांग की गई थी। रेलवे फ्रंट कॉरिडोर ने निर्णय लिया था कि अनुदान की राशि केवल एक ही खातेदार को दी जाएगी। एक खाते में कई किसानों के नाम सामूहिक दर्ज हैं और सभी की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। पूर्व में भी सभी खातेदारों को अनुदान की राशि का वितरण किया जा रहा था। हालांकि एक आदेश के तहत रेलवे द्वारा किसानों का हक मारने का प्रयास किया गया। भारतीय किसान यूनियन ने इस आदेश के विरोध में आसपास के सभी जनपदों में रेलवे फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण कार्य रुकवा दिया था। इसी को लेकर बुधवार को पीडब्लूडी डाक बंगले पर एडीएम प्रशासन अमित कुमार, रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के अपर प्रोजेक्ट मैनेजर मदनलाल, भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत, मंडल महासचिव राजू अहलावत, धर्मेंद्र मलिक के अलावा जटनंगला, बधाई खुर्द, ट्बीटा, भैंसी, होशियारपुर, नरा जड़ौदा आदि गांव के किसानों के साथ बैठक हुई। रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के अधिकारियों ने लिखित आदेश कर सभी किसानों को अनुदान देने का फैसला लिया है, जिससे एक खाते में दर्ज सभी किसानों को इसका लाभ दिया जाएगा। अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में 25 नवंबर को मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के घेराव का कार्यक्रम मांग माने जाने के बाद स्थगित कर दिया गया। किसानों ने आर्बिट्रेशन के मामले जल्द से जल्द तय किए जाने की भी मांग की, जिस पर जिला प्रशासन ने एक सप्ताह के अंदर आर्बिट्रेशन तय किए जाने का वादा किया है।
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