मुजफ्फरनगर। दवाइयों की कालाबाजारी की जानकारी के बाद शहर में बड़े पैमाने पर छापेमार कार्रवाई की गई। ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम बृहस्पतिवार दोपहर जिला परिषद मार्केट पहुंची। टीम को देखते ही दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरते चले गए। टीम ने चार एजेंसियों से 11 नमूने भरे। करीब दो लाख की दवाई के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।
औषधि विभाग के सहारनपुर मंडल सहायक आयुक्त राजेश त्रिपाठी के साथ फैजाबाद औषधि निरीक्षक डीवी सिंह, कानपुर के ड्रग इंस्पेक्टर एके गुप्ता, शामली के इंस्पेक्टर मनुशंकर, बुलंदशहर के इंस्पेक्टर नरेश कुमार, मुजफ्फरनगर के इंस्पेक्टर राजेश कुमार यादव की टीम बृहस्पतिवार को जिला परिषद मार्केट पहुंची। दुकान में छापेमारी के लिए टीम के दाखिल होते ही व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
काफी व्यापारी अपनी दुकानों के शटर डालकर भाग खड़े हुए। सहायक आयुक्त ने बताया कि जैन फार्मा, राधा कृष्णा डिस्ट्रीब्यूटर, दीपिका मेडिकोज, खुराना मेडिकल एजेंसी पर छापेमारी की गई। इस दौरान प्रतिबंधित और अन्य 150 प्रोडक्ट्स की छानबीन की। साथ ही दवाई के बिल और विभाग के अन्य मानकों की जानकारी जुटाई गई। दवाइयों के 11 नमूने लिए गए। साथ ही करीब दो लाख रुपये कीमत की दवाई की बिक्री पर रोक लगाई।
आयुक्त ने बताया कि शहर में दवाई की कालाबाजारी रोकने के लिए लखनऊ मुख्यालय के आदेश पर गठित टीम कार्रवाई कर रही हैं। अधिकतर दुकानें बंद रहने से जांच-पड़ताल पूरी नहीं हुई है। मार्केट में करीब 200 दुकानों के पर दवाईयों के बारे में खोजबीन की जाएगी। टीम की कार्रवाई के बीच विरोध से निपटने के लिए पुलिस तैनात रही।