शामली के बाबरी थाना क्षेत्र के गांव कैडी में साढे़ पांच साल पहले हुई राहुल की हत्या में बुधवार को कोर्ट ने दो हत्यारों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव कैडी निवासी राजपाल सिंह ने बाबरी थाने पर तीन अक्टूबर 2011 को हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित ने बताया था कि गांव के ही अभियुक्त अनिल, राहुल पुत्र ईश्वर व अजीत के परिवार के साथ उनकी पुरानी चली आ रही है ।
जिसमें घटना के दिन अभियुक्तो ने उसके 16 वर्षीय पोत्र राहुल की चाकू घोंप कर हत्या कर दी। इस मुकदमे में अनिल, राहुल व अजीत को अभियुक्त बनाया गया था। मुकदमें की सुनवाई एडीजे अशोक कुमार की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 4 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजू मेहले और अनोद बालियान ने कोर्ट में छह गवाह और सबूत पेश किए।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त अनिल व राहुल को हत्या का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास के साथ 10-10 हजार रूपया का जुर्माना की सजा सुनाई है। तीसरे अभियुक्त अजीत को नाबालिग घोषित करते हुए उसका मुकदमा किशोर न्यायालय भेज दिया गया है। अनिल तभी से जेल में बंद है, तथा राहुल जमानत पर बाहर आ गया था।
बड़कली हत्याकांड में गवाह के बयान हुए
जिले के चर्चित बड़कली हत्याकांड में बुधवार को कोर्ट में पीड़ित पक्ष की ऋतु के बयान हुए। कोर्ट ने बयान जारी रखते हुए अगली तारीख 8 फरवरी लगाई है।
बताते चले कि वर्ष 2011 में गांव बडकली के निकट गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन उदयवीर सिंह समेत आठ लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विक्की त्यागी, मीनू त्यागी समेत 19 लोगों को नामजद कराया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे 9 की कोर्ट में चल रही है।