जिला मुख्यालय पर दलितों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की घटना में शामिल उपद्रवियों की तलाश में पुलिस ने मंगलवार रात ताबड़तोड़ दबिश दी। कुछ चिह्नित किए गए युवकों को हिरासत में लिया तथा कुछ आरोपियों के न मिलने पर उनके परिजनों को पकड़ कर थाने में बैठाया गया।
एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में दो अप्रैल को जिला मुख्यालय पर दलित समाज का प्रदर्शन हुआ था। क्षेत्र के ग्राम कल्लनपुर, खेड़की, तुगलकपुर, कम्हेड़ा, अब्दुलपुर आदि गांवों के युवकों ने भी इस प्रदर्शन में गए थे। आंदोलन के दौरान हिंसा भड़क गई।
इस दौरान क्षेत्र के कुछ युवक भी सीसीटीवी में कैद हो जाने से उनकी पहचान हुई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मंगलवार रात उक्त ग्रामों में ताबड़तोड़ दबिश दी। पुलिस ने इस दौरान छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया। कम्हेड़ा निवासी नामजद एक मुख्य आरोपी के न मिलने पर पुलिस उसके पिता और भाई को पकड़कर थाने ले आई।
इस दौरान पुलिस को महिलाओं के विरोध का भी सामना करना पड़ा। पुलिस महिलाओं के विरोध को दर किनार कर हिरासत में लिए गए लोगों को थाने ले आई। उधर, परिजनों के पकड़े जाने पर आरोपी अर्चन निवासी ग्राम झबरपुर और टिंकू निवासी ग्राम कल्लनपुर ने अपने आपको पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस पकड़े गए आरोपियों और अन्य लोगों को पूछताछ कर रही है।
पुलिस की दबिश से दलितों में दहशत
खतौली/सिखेड़ा/शाहपुर। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन करने के फैसले के विरोध में सोमवार को दलित समाज के लोगों द्वारा भारत बंद को लेकर प्रदर्शन कर मुजफ्फरनगर में आगजनी की गई थी। हिंसा भड़कने पर गोली लगने से अमरेश की मौत भी हुई।
पुलिस वीडियोग्राफी के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित करने में लगी है। बसपा नेताओं और उपद्रवियों की धरपकड़ को गठित पुलिस टीमों द्वारा ताबड़तोड़ दबिश भी दी जा रही है। इससे दलितों में दहशत का आलम है।
खतौली क्षेत्र में भी पुलिस टीमों ने मंगलवार की देर रात में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस के हत्थे कोई नहीं चढ़ सका। वहीं, खुफिया विभाग टीम को उपद्रवियों को चिह्नित करने में लगाया गया है। उधर, सिखेड़ा थाना प्रभारी मनोज चौधरी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर उपद्रवियों में शामिल होने वाले क्षेत्र के लोगों की पहचान वीडियोग्राफी के आधार पर की जा रही है। बवाल करने वाले लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
वहीं, दूसरी ओर शाहपुर पुलिस ने कस्बे समेत कई गांवों में बसपा नेताओं के यहां दबिश देकर उनके घरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को कुछ नहीं मिला। थाना प्रभारी कुशलपाल सिंह ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने टीमें बनाकर कस्बे सहित काकड़ा में अमित कुमार व गांव निरमानी में धर्मेंद्र कुमार सहित कई गांवों में बसपा नेताओं के घर दबिश देकर तलाशी ली।
दबिश के दौरान बसपा नेता हत्थे नहीं चढ़ सके तथा घरों की तलाशी लेने पर कुछ नहीं निकला। थाना प्रभारी ने बताया कि जिन लोगों के घर दबिश देने के साथ तलाशी ली गई है, उन लोगों के नाम चिह्नित कर मुख्यालय से भेजे गए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से बसपा नेताओं में हड़कंप मचा हुआ है।