स्मार्ट फोन से हटाए पबजी गेम और टिकटॉक एप
मुजफ्फरनगर, चरथावल। भारत-चीन की सीमा पर 20 से ज्यादा भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद ग्रामीण अंचल के युवाओं में उबाल है। युवा बोले कि चीन के उत्पादों के बहिष्कार से मुल्क की सेना में जोश भरेगा। चाइनीज गेम पबजी और टिकटॉक समेत कई एप को यूथ ने स्मार्ट फोन से हटाकर गद्दार चीन के बाजार की कमर तोड़ने का संकल्प लिया है।
कस्बे के बाजार खुर्द के छात्र अर्पित त्यागी दो साल से पबजी गेम खेल रहे थे। लद्दाख सीमा पर चीन की कायराना हरकत से खफा होकर उन्होंने फोन से चीन के गेम को मोबाइल से हटा दिया है। उनका कहना है कि चीन में निर्मित मोबाइल फोन नहीं खरीदेंगे।
बीबीए के छात्र चरथावल के मोहल्ला महाब्रह्मणान निवासी लक्ष्य वर्मा ने भी पबजी गेम और टिकटॉक को फोन से हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। लक्ष्य ने कहा कि धोखेबाज चीन का कोई भी उत्पाद नहीं खरीदेंगे।
रोनी हरजीपुर के हिंदू जागरण मंच के जिला उपाध्यक्ष अंकुुर राणा ने सीमा पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर कार्यकर्ताओं के स्मार्ट फोन से चीन का एप हटवा दिया है और भविष्य में चीन की वस्तुओं नहीं खरीदने की कसम खाई है।
एमकॉम के छात्र कसौली निवासी हैप्पी राणा कहते हैं चीन के उत्पाद के विरोध से बॉर्डर पर तैनात जांबाज सैनिकों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने चीन में निर्मित मोबाइल फोन नहीं खरीदने का वादा किया।
रोनी हरजीपुर के ऋतिक राणा ने बताया कि वो परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के साथ चीन के उत्पाद नहीं खरीदेंगे। भारत की दमदार सैन्य शक्ति के सामने चीन इस बार नहीं टिक पाएगा।
भमेला निवासी एलएलबी के छात्र शेखर चौहान ने कहा कि गांवों के युवाओं में चीन की कायराना हरकत को लेकर खासा उबाल है। वह मेड इन चाइना वाले किसी भी उत्पाद को नहीं खरीदेंगे।
ऋतिक राणा रोनी हरजीपुर- फोटो : MUZAFFARNAGAR
छात्र हैप्पी राणा कसौली- फोटो : MUZAFFARNAGAR
अंकुर राणा रोनी हरजीपुर- फोटो : MUZAFFARNAGAR
छात्र लक्ष्य वर्मा चरथावल- फोटो : MUZAFFARNAGAR
छात्र अर्पित त्यागी चरथावल- फोटो : MUZAFFARNAGAR